केदार घाटी में हेलीकॉप्टर कंपनियों की मनमानी पर केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग ने सख्त रुख अपनाया है। प्रभागीय अधिकारियों ने हेलीकॉप्टर कंपनियों से प्रतिदिन उड़ान, साउंड व ऊंचाई का रिकार्ड मांगा है। प्रतिदिन हेलीकॉप्टर को अधिकतम 300 चक्कर (आना-जाना) निर्धारित किया गया है। इससे अधिक चक्कर लगाने पर संबंधित हेली कंपनी के विरुद्घ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर कंपनियों की ओर से हेलीकॉप्टर उड़ान में नियम, कानून ताक पर रखे जा रहे हैं। निर्धारित ऊंचाई 600 मीटर से नीचे उड़ान भरने पर हेलीकॉप्टर की तेज आवाज से अति संवेदनशील क्षेत्र में प्रवास करने वाले दुर्लभ वन्य जीवों, वनस्पतियों को नुकसान पहुंच रहा है। घोड़ा-खच्चर एसोसिएशन की शिकायत पर केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग की ओर से हेलीकॉप्टर कंपनियों से हेलीकॉप्टर का प्रतिदिन का शटल, साउंड, ऊंचाई का डाटा मांगा है।
प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर ने बताया कि शिकायत मिली है कि हेलीकॉप्टर प्रतिदिन निर्धारित 300 बार के चक्कर के बजाय 500 से अधिक चक्कर लगा रहे हैं। उड़ान की ऊंचाई भी 600 मीटर से नीचे रखी जा रही है। हेली कंपनियों से इस संबंध में जवाब मांगा गया है। यदि नियमों की अनदेखी की गई, तो संबंधित कंपनी के विरुद्घ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रभाग की ओर से भीमबली में मॉनेटरिंग स्टेशन से भी हेलीकॉप्टर की उड़ान के संबंध में डाटा एकत्रित किया जा रहा है।