चमोली जनपद में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ठंड से कई जगह के प्राकृतिक स्रोत जमने से पेयजल की भी किल्लत हो गई है। ऊंचाई पर बसे गांव पाणा, ईराणी, सुतोल, कनोल, सुरांईथोटा, भलगांव सहित अन्य गांवों में नलों पर आने वाला पानी भी सुबह जम रहा है। ग्रामीण अपने मवेशियों को बर्फ जैसे जमे पाले को गरम कर दे रहे हैं। जोशीमठ क्षेत्र से लेकर दशोली विकासखंड के ऊंचाई वाले गांवों में पेयजल की किल्लत बढ़ गई है।
ऊंचाई वाले इलाकों में पानी के स्रोत जम रहे हैं, जिससे पानी की आपूर्ति कम हो गई है। जोशीमठ बाजार सहित अन्य आसपास के अधिकांश ग्रामीण इलाकों में जिन स्रोतों से पानी की आपूर्ति होती है वह औली की तरफ से बहते हैं, जहां इन दिनों नाले जमकर बर्फ बन रहे हैं। ठंड के चलते सुबह बाजारों में लोग भी कम दिखाई दे रहे हैं। शाम ढलते ही बाजारों में सन्नाटा पसर रहा है। रात आठ बजे तक अधिकांश बाजार बंद हो जा रहे हैं।
कड़ाके की ठंड ने जमा दिए झरने
उत्तरकाशी जनपद के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बीते कुछ दिनों से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जिससे यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग व हर्षिल क्षेत्र में झरने जमने लगे हैं। क्षेत्र में गाड़ गदेरो का पानी भी जमकर पाला बन गया है। जनपद के स्थानीय निकायों ने कड़ाके की ठंड को देखते हुए अलाव की व्यवस्था भी शुरु कर दी है।
बदरीनाथ हाईवे मलबा आने से बंद
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग गोविंद घाट के पास पिनोला के समीप भारी मात्रा में मलबा आने से बंद हो गया है। एनएच के द्वारा सड़क कटिंग का कार्य किया जा रहा था। इस दौरान पहाड़ों से भारी मात्रा में बोल्डर और पत्थर गिरकर सड़क पर आ गए, जिससे मार्ग पूर्ण तरीके से आवागमन के लिए बंद हो गया है। पांडुकेश्वर, गोविंदघाट , लामबगड़, हनुमान चट्टी जाने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग केंद्र देहरादून ने शीतलहर की आशंका जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। केंद्र के अनुसार अगले चार पांच दिन शीतलहर और पाला गिरने से कड़ाके की ठंड रहने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार शनिवार से शीतलहर शुरू हो जाएगी।