रत्नोगाड़ में ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे हुआ खतरनाक
ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर रत्नोगाड़ में करीब 100 मीटर हिस्से में रुक-रुककर भूस्खलन हो रहा है। पहाड़ी से गिर रहे बोल्डर और मलबे से जहां हाईवे पर आवाजाही खतरनाक बनी हुई है वहीं रत्नों गांव के लोगों के खेतों में गिरने से धान की खड़ी फसल बरबाद हो रही है। ग्रामीणों ने सड़क किनारे सुरक्षा दीवार निर्माण करने की मांग की है।
रत्नोगाड़ में भूस्खलन जोन पिछले एक साल से सक्रिय है लेकिन पिछले तीन दिनों से यहां पहाड़ी से रुक-रुककर हर दिन मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। मलबा और बोल्डर गिरने से बीते दिन 20 घंटे तक हाईवे यातायात के लिए बाधित रहा। मलबा साफ कर बीआरओ ने किसी तरह से वाहनों का संचालन शुरू करवा दिया है लेकिन यह मलबा अब रत्नों गांव के खेतों के लिए मुसीबत बन गया है।
प्रधान गबर सिंह नेगी ने बताया कि मलबा और पत्थर धान के खेतों में गिर रहे हैं जिससे फसल बर्बाद हो गई है। उन्होंने बताया कि सड़क के नीचे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. शंकर सिंह पंवार की स्मृति में अमृत सरोवर का निर्माण किया गया है। वहां भी हाईवे का मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। सावित्री देवी के खेतों में भारी मात्रा में मलबा गिरने से फसल को नुकसान पहुंचा है। आजाद सिंह नेगी ने सड़क के नीचे सुरक्षा दीवार निर्माण करने की मांग की है।
भूस्खलन से भीरी में एक घंटे बंद रहा रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे
बारिश के चलते रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे भीरी के समीप पहाड़ी से भारी मलबा आने से एक घंटे बंद रहा। इस दौरान दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी रही। इधर, बदरीनाथ हाईवे नौगांव, नरकोटा और सिरोहबगड़ में अति संवेदनशील हो रखा है।
मंगलवार दोपहर को हुई तेज बारिश से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे भीरी में पहाड़ी से हुए भूस्खलन से एक घंटे बंद रहा। पहाड़ी से गिरे मलबा व पत्थरों का सड़क पर ढेर लग गया, जिस कारण बरसाती पानी भी जमा हो गया। एनएच द्वारा बारिश बंद होने के बाद मलबे की सफाई कर यातायात बहाल किया गया। इधर, ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग नरकोटा में रेल लाइन निर्माण के चलते खतरनाक हो रखा है। यहां पर हाईवे का लगभग तीन सौ मीटर हिस्सा कीचड़ से सना हुआ है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। यही स्थिति नौगांव व सिरोहबगड़ में भी बनी हुई है।