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उत्तराखंड: भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क चार दिन से बंद, मूसलाधार बारिश से उफान पर नदियां 

Mon, 13 Jul 2020 11:00 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़/धारचूला

सार

  • मुनस्यारी-मिलम सड़क बंद होने से सैनिकों को अनाज और रसद पहुंचाने में हो रही दिक्कत 
  • जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही बारिश से नदियां उफान पर, आसपास के क्षेत्र में दहशत 
  • पहाड़ी दरकने से गुंजी-कुटी सड़क भी बंद, कुटी यांगती नदी में बनी झील से बढ़ा खतरा
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाली मुनस्यारी-मिलम समेत जिले की नौ सड़कों को प्रशासन अब तक नहीं खोल पाया है। भारी बारिश के चलते आए मलबे से चीन सीमा को जोड़ने वाली मुनस्यारी-मिलम सड़क पिछले चार दिनों से बंद है। सड़क नहीं खुलने से सैनिकों को खाद्यान्न और रसद पहुंचाने में जहां दिक्कत हो रही है वहीं माइग्रेशन गांवों के लोग भी परेशान हैं।

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जिले की बंद चल रही नौ सड़कों को लोगों ने शीघ्र खोलने की मांग की है। उधर, व्यास घाटी में हुए जबरदस्त भूस्खलन से गुंजी से कुटी के बीच लगभग दो किलोमीटर सड़क बोल्डर और मलबे से पट गई है। भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा गिरने से कुटी यांगती नदी का बहाव रुकने से नदी में झील बन गई है। 

भारी बारिश के कारण जिले में गुंजी- कुटी, मुनस्यारी- मिलम, बांसबगड़-कोटा पंद्रह पाल, बांसबगड़- माणीधामी, नाचनी-भैसकोट, बंगापानी- जाराजीबली, मदकोट- दारमा, संगौड़ दशौली दानू, डीडीहाट, पमस्यारी सड़क बंद हैं। प्रशासन अब तक इन सड़कों को खोल नहीं पाया है।
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इसकी वजह से 12 हजार से अधिक की आबादी परेशान है। उधर, नौ जुलाई की रात व्यास घाटी में मूसलाधार बारिश होने से तहसील मुख्यालय धारचूला से 120 किमी दूर गुंजी से कुटी के बीच जबरदस्त भूस्खलन हुआ। पहाड़ियों के दरकने से आए मलबे ने सड़क के साथ कुटी यांगती नदी को भी पाट दिया। इससे करीब दो किमी तक सड़क का जहां नामोनिशान मिट गया है, वहीं, नदी के पानी का बहाव बाधित होने से झील बन गई है। 

नुमुच से थविकंग तक एक किमी का चारागाह मलबे से पटा

मूसलाधार बारिश से कुटी यांगती नदी के दोनों ओर की पहाड़ियों में जबरदस्त भूस्खलन हुआ है। व्यास घाटी से लौटे ग्रामीणों ने बताया कि नदी में बनी झील से रोकांग, नाबी, गुंजी सहित कई गांवों को खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार गुंजी, कुटी ज्योलिंगकांग सड़क 10 से 15 दिनों तक खुलने की संभावना नहीं है।

रविवार को कुटी गांव से लौटे गुलाब सिंह कुटियाल ने बताया कि प्रशासन को जानकारी दे दी है। उन्होंने बताया कि बीआरओ के कर्मचारियों ने जेसीबी मशीन से कुटी यांगती नदी में जमा मलबे को हटाया है। इससे झील का स्तर कुछ कम हुआ है। बीआरओ के कर्मचारी सड़क खोलने में लगे हैं। कुटी गांव वालों की नुमुच से थविकंग तक लगभग एक किमी का चारागाह मलबे से पट गया है। गुलाब सिंह ने कहा कि यहां मालपा से भी अधिक भूस्खलन हुआ है।

कुटी निवासी एवं रं यूथ फोरम अध्यक्ष हरीश कुटियाल ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि 2017 में कुटी गांव के घटखोला नाले में भी बादल फटने से भारी मात्रा में मलबा आने से उरेडा की निर्माणाधीन योजना को नुकसान पहुंचा था। आज तक सुरक्षा दीवार नहीं लगाई गई है।

लोगों से व्यास घाटी में भूस्खलन से सड़क पर मलबा आने की सूचना मिली है। राजस्व उपनिरीक्षक को मौके में जाकर निरीक्षण करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
- अनिल कुमार शुक्ला, उपजिलाधिकारी धारचूला।

अस्थाई पुल के बहने से बड़ी जुम्मा के ग्रामीणों की परेशानी
ग्राम पंचायत जुम्मा में अस्थाई पुल बहने से ग्रामीण परेशान हैं। यहां पर 2013 में अस्थाई पुल बह गया था। लेकिन इसके बाद से यहां पर पक्के पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। इसकी वजह से चार सौ से अधिक की आबादी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर हैं। 

2013 की आपदा के बाद पलंखा में बना पुल आपदा की भेंट चढ़ गया था। आपदा के सात साल बीतने के बाद पुल नहीं बनने से लोगों में आक्रोश है। सामाजिक कार्यकर्ता नंदन सिंह धामी का कहना है कि पुल बहने से रोड़ा ,लालीगड़ा, पनमजेल तोकों के चार सौ लोग जान जोखिम में रखकर आवाजाही कर रहे हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मी देवी ने बताया कि 2013 की आपदा में टूटे पुल का आज तक नहीं बनाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। 
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बंगापानी में भूस्खलन से घर में घुसा बोल्डर

क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बंगापानी के पुष्कर सिंह के घर मे बड़ा बोल्डर घुस गया। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के सदस्य दूसरे कमरे में थे। पीड़ित पुष्कर सिंह ने शासन- प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।  

मड़मानले-धूर्चु सड़क में आई दरार
मूनाकोट ब्लॉक के मड़मानले-धूर्चू सड़क पर पिछले दिनों हुई बारिश से दरार आ गई है जो कभी भी ढह सकती है। चार दिन पहले हुई बारिश से धूर्चू के पास प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क धस गई हैं। सड़क धसने से एक फिट चौड़ी दरार आ गई है। प्रधान धुर्चु नरेंद्र चंद ने शीघ्र सड़क को ठीक करने की मांग की है।

पीएमजीएसवाई के कनिष्ठ अभियंता मनोज खाती का कहना है कि धूर्चू के पास सड़क खेतों के बीच से गई हैं। जमीन बैठने की वजह से एक जगह दरार आ गई है। सड़क की मरम्मत के लिए चार लेबरों को भेजा जा रहा है। शीघ्र सड़क को ठीक कर लिया जाएगा।
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