भारी बारिश के चलते फूलों की घाटी को जाने वाला मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। यहां द्वारिपुल के पास बना एक पुल बह गया है। जिससे पर्यटकों की आवाजाही रुक गई है। वन विभाग मजदूर लेकर रास्ते को बनाने में लग गया है।फूलों की घाटी के रेजर बृज मोहन भारती ने बताया कि आज पर्यटकों को घाटी में नहीं जाने दिया जाएगा। जल्द ही रास्ता बनने के बाद फिर से घाटी में आवाजाही होगी।
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग नागुण के पास खुला
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग नागुण के पास लगातार पत्थर गिरने के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया था, लेकिन यहां मार्ग को बाद में खोल दिया गया। टिहरी में सोमवार सुबह से तेज बारिश हो रही है। जिले के 8 ग्रामीण संपर्क मोटर मार्ग यातायात के लिए बाधित चल रहे हैं।
कोटद्वार-दुगड्डा के बीच पांचवें मील के गदेरे में आया उफान
कोटद्वार-दुगड्डा एनएच के बीच पांचवें मील के गदेरे में उफान व मलबा आने और दुगड्डा के चूनाधारा के पास सड़क पर पेड़ गिरने से करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। एनएच विभाग ने गदेरे का पानी कम होने के बाद जेसीबी से रपटे पर जमा मलबे को हटाया और पेड़ को काटकर किसी प्रकार यातायात बहाल किया।
रविवार से पर्वतीय क्षेत्रों में दिन भर से हो रही बारिश के कारण रविवार शाम को करीब साढ़े छह बजे और सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे कोटद्वार-दुगड्डा के बीच पांचवें मील के गदेरे में अचानक उफान आ गया। गदेरे के उफान के साथ भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर सड़क पर आने से मार्ग बाधित हो गया। गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई वाहन उफनाए गदेरे की चपेट में नहीं आया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
सूचना पर पहुंचे एनएच विभाग के अधिकारी और पुलिस ने लोगों को गदेरे के पास जाने से रोका। करीब एक घंटे के बाद पानी कम होने पर एनएच विभाग की जेसीबी ने सड़क से मलबा हटाया और यातायात सुचारु कराया।
चूना धारा के पास गिरा पेड़, बाल-बाल बचे यात्री
सोमवार अपराह्न करीब तीन बजे दुगड्डा के चूनाधारा के पास एक भारी भरकम पेड़ अचानक हाईवे पर गिर गया। पेड़ गिरने के दौरान सड़क पर चल रहे यात्री बाल-बाल बचे। गनीमत रही कि इसी दौरान वहां से कोई वाहन नहीं गुजर राि था। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद एनएच विभाग ने पेड़ काटकर जेसीबी से सड़क को यातायात के लिए खोला। इस बीच सड़क के दोनों ओर वाहनों की लाइन लगी रही। एक घंटे के बाद मार्ग खुलने पर लोगों ने राहत की सांस ली। एनएच खंड धुमाकोट के अवर अभियंता अरविंद जोशी का कहना है कि पेेड़ को काटकर और जेसीबी से मलबा हटाकर यातायात शुरू कर दिया गया है।