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रोमांच के शौकीन: एडवेंचर में भविष्य संवार रहे दो दोस्त, इनसे रॉक क्लाइंबिंग के गुर सीखने पहुंच रहे युवा

Wed, 29 Sep 2021 03:01 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal रेनू सकलानी, अमर उजाला, देहरादून

सार

देहरादून के हिमांशु थापा और महाराष्ट्र के यश चौधरी ने वर्ष 2020 में दून के ताछिला में रॉक क्लाइबिंग से शुरुआत की थी। कुछ ही समय में शहर के अलावा राज्यभर से एडवेंचर के शौकीन लोग यहां पहुंचने लगे।
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दून के ताछिला में रॉक क्लाइबिंग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रोमांच के शौकीन युवा रॉक क्लाइंबिंग का लुत्फ उठाने के साथ इसी क्षेत्र में भविष्य की राह भी बना रहे हैं। राजधानी देहरादून से 26 किमी दूर स्थित बांदल घाटी के गांव ताछिला में दो दोस्तों की पहल से ऐसे युवाओं का सपना साकार हो रहा है। विदेश में प्रशिक्षण दे चुके इन युवाओं का राज्य के स्कूलों में बच्चों को आउटडोर एजुकेशन शुरू किए जाने पर खासा जोर है। 

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राज्यभर से एडवेंचर के शौकीन लोग यहां पहुंच रहे
देहरादून के हिमांशु थापा और महाराष्ट्र के यश चौधरी ने वर्ष 2020 में दून के ताछिला में रॉक क्लाइबिंग से शुरुआत की थी। कुछ ही समय में शहर के अलावा राज्यभर से एडवेंचर के शौकीन लोग यहां पहुंचने लगे। ‘बियॉन्ड द वॉल’ नाम से अपना ग्रुप चला रहे दोनों दोस्त इससे पहले विदेश में प्रशिक्षण दे रहे थे। हिमांशु यूएस और यश चौधरी वियतनाम में प्रशिक्षक थे। हिमांशु और यश के अनुसार लोग एडवेंचर का मतलब सिर्फ ट्रेकिंग समझते हैं। जबकि ऐसा नहीं है, इसके तहत बहुत सी चीजें आती हैं। 

उत्तराखंड में इस क्षेत्र की अपार संभावनाओं को देखते हुए हमने यहीं पर रहकर स्टॉटअर्प शुरू करने की सोची। हम यहां लोगों को रॉक क्लाइंबिंग, विल्डरनेस बैग पैकिंग (जंगल शिक्षा, माउंटेनियरिंग, मैप रीडिंग, आउटडोर कुकिंग), हिमालय ट्रेक, नेचर हाइक सिखाते हैं। रॉक क्लाइंबिंग के लिए ताछिला एक शानदार जगह है और अब हम चकराता में संभावनाएं तलाश रहे हैं। हिमांशु और यश के साथी आयुष इवेंट की फोटोग्राफी करने के साथ सोशल मीडिया कंटेंट तैयार करते हैं। 

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क्या है आउटडोर एजुकेशन

विदेशों में स्कूलों में बच्चों की आउटडोर एजुकेशन पर बहुत ध्यान दिया जाता है। इसमें आवासीय या जंगल आधारित यात्रा के अनुभव शामिल होते हैं। जिसमें छात्र विभिन्न प्रकार की साहसिक चुनौतियों और बाहरी गतिविधियों जैसे लंबी पैदल यात्रा, चढ़ाई, कैनोइंग, रस्सियों के पाठ्यक्रम और समूह खेलों में भाग लेते हैं। यह पर्यावरण शिक्षा, सिद्धांत पर आधारित है और बच्चे प्रकृति से ही सीखते हैं। 

देशभर के बड़े पर्वतारोही जुटेंगे
हिमांशु और यश ने बताया कि वह इस तरह का आयोजन करने की तैयारी में हैं, जिसमें देशभर के पर्वतारोही जुटेंगे। पर्वतारोही इस क्षेत्र की संभावनाओं से लोगों को परिचित कराएंगे। इस आयोजन के जरिये लोगों को उनके सवालों के जवाब मिलने में आसानी होगी।

आउटडोर एजुकेशन एडवेंचर का ही पार्ट है। विदेशों में बच्चों की आउटडोर एजुकेशन पर बहुत ध्यान दिया जाता है। स्कूल और यूनिवर्सिटी पूरी प्लानिंग इसे लेकर करती हैं। मेरा उद्देश्य है कि मैं उत्तराखंड में आउटडोर एजुकेशन डेवलप कर सकूं। विल्डरनेस बैग पैकिंग इसी का हिस्सा है। मुझे लगता है कि हमारे राज्य में तो इसकी अपार संभावनाएं है। मैंने बहुत साल बच्चों के साथ आउटडोर एजुकेशन पर काम किया है।
-हिमांशु थापा, आउटडोर लीडर

कर्नाटक, बंगलूरू, वियतनाम में मैंने बतौर आउटडोर इंस्ट्रक्टर काम किया है। मेरा मकसद है कि देहरादून सहित राज्य में रॉक क्लाइंबिंग प्लेस डेवलप कर सकूं। विदेश में लोग इसे लेकर बहुत जागरूक हैं। क्योंकि वहां पर बहुत सालों से यह होता आ रहा है। यहां पर रॉक क्लाइंबिंग कम है। इसलिए हमने यहां पर इसे विस्तार देने के बारे में सोचा। मैं यहां पर रॉक क्लाइंबिंग के लिए लड़कियों में खासा उत्साह है। एडवेंचर का मतलब लोग सिर्फ ट्रेकिंग समझते है, लेकिन कॅरिअर के रूप में देखें तो इसका बहुत बड़ा स्कोप है। उत्तराखंड में तो खासतौर पर अपार संभावनाएं है। बस इन्हें विकसित करने की जरूरत है।
-यश चौधरी, आउटडोर इंस्ट्रक्टर

यहां कर सकते हैं संपर्क
- बियॉन्डदवॉल.को.इन पर कराएं पंजीकरण
- 7498163805 या 9368902524 पर करें बुकिंग
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