प्रधानमंत्री ने मन की बात में सियाचिन फतह करने वाले दिव्यांगों की सराहना की। कहा कि सियाचिन ग्लेशियर के बारे में हम सभी जानते हैं। वहां की ठण्ड ऐसी भयानक है जिसमें रहना आम इंसान के बस की बात ही नहीं है। कुछ ही दिन पहले सियाचिन के इस दुर्गम इलाके में 8 दिव्यांग जनों की टीम ने जो कमाल कर दिखाया है वो हर देशवासी के लिए गर्व की बात है। इस टीम ने सियाचिन ग्लेशियर की 15 हजार फीट से भी ज्यादा की ऊंचाई पर स्थित कुमार पोस्ट पर अपना परचम लहराकर विश्व रिकॉर्ड तक बना दिया है। शरीर की चुनौतियों के बावजूद भी हमारे इन दिव्यांगों ने जो कारनामा कर दिखाया है वो पूरे देश के लिए प्रेरणा है। जब इस टीम के सदस्यों के बारे में जानेंगे तो आप भी मेरी तरह हिम्मत और हौसले से भर जाएंगे। इन जांबाज दिव्यांगों के नाम है-महेश नेहरा, उत्तराखंड के अक्षत रावत, महाराष्ट्र के पुष्पक गवांडे, हरियाणा के अजय कुमार, लद्दाख के लोब्सांग चोस्पेल, तमिलनाडु के मेजर द्वारकेश, जम्मू-कश्मीर के इरफान अहमद मीर और हिमाचल प्रदेश की चोन्जिन एन्गमो। सियाचिन ग्लेशियर को फ तह करने का ये ऑपरेशन सेना के विशेष बलों के जाबांजों की वजह से सफ ल हुआ है। मैं इस ऐतिहासिक और अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए इस टीम की सराहना करता हूं यह हमारे देशवासियों की हर चुनौती से निपटने की भावना को भी प्रकट करता है।