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उत्तराखंड: पीपीपी मोड पर संचालित परिसंपत्तियों का तीन माह का शुल्क माफ

Tue, 09 Nov 2021 10:40 AM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) गढ़ी कैंट स्थित आईएचएम के सभागार में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में परिषद की 21वीं बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
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रुपये(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
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विस्तार
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कोरोना महामारी में लॉकडाउन अवधि के दौरान पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर संचालित परिसंपत्तियों का तीन माह का शुल्क माफ किया जाएगा। इसके अलावा पर्यटन विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 51 खाली पदों पर जल्द ही भर्ती की जाएगी।  

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उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) गढ़ी कैंट स्थित आईएचएम के सभागार में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में परिषद की 21वीं बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कोरोना महामारी के कारण मार्च से 30 जून 2020 तक लॉकडाउन के कारण हुए नुकसान को देखते हुए पीपीपी मोड पर संचालित परिसंपत्तियों के संचालकों का तीन माह का शुल्क माफ किया गया। इस पर लगभग 61 लाख का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। 

महाराज ने कहा कि आने वाले समय में उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों की संख्या को दोगुना करने के लिए उत्तराखंड पर्यटन विभाग प्रतिबद्ध है। इसको ध्यान में रखते हुए इंटरनेशनल ट्रेवल एंड टूरिज्म फेयर (टीटीएफ) जैसे प्रमुख ट्रेवल इवेंट्स में बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहा है। जबकि धार्मिक पर्यटन के साथ शीतकालीन पर्यटन और साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड पर्यटन की ओर से जिला प्रशासन के साथ मिलकर नैनीताल, भीमताल, पंगोट, मसूरी समेत कई स्थानों पर विंटर कार्निवाल आयोजित किए जाने हैं। इसके अलावा राज्य में साहसिक पर्यटन की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए पूर्व में विज्ञापित राफ्टिंग एवं पैरामोटर नियमावली के अतिरिक्त उत्तराखंड जल क्रीड़ा पॉलिसी, ट्रेकिंग रूल्स, पैरामोटर नियमावली तैयार की जा रही है। 
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उत्तराखंड राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए पर्यटन कैरवान व मोटर हाउस के लिए नीति तैयार की गई है। जिसके तहत राज्य में आने वाले पर्यटकों के लिए कैरवानिंग वाहन पार्किंग के लिए राज्य में विभिन्न स्थानों पर सुविधाएं विकसित की जाएगी। 

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निर्देशों पर गहनता से पालन किया जाएगा

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि पर्यटन मंत्री की ओर से दिए गए निर्देशों पर गहनता से पालन किया जाएगा। बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों से उत्तराखंड पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। बैठक में अपर सचिव पर्यटन युगल किशोर पंत, केएमवीएन के प्रबंध निदेशक नरेंद्र भंडारी, अपर सचिव वन एवं पर्यावरण नेहा वर्मा, अपर सचिव अतर सिंह, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (साहसिक पर्यटन) कर्नल अश्विनी पुंडीर, उप सचिव प्रकाश जोशी, उप सचिव दीप्ति मिश्रा, निदेशक वित्त जगत सिंह चौहान, निदेशक अवस्थापना ले. कर्नल दीपक खंडूड़ी, अपर निदेशक पूनम चंद, अपर निदेशक विवेक सिंह चौहान, उपनिदेशक योगेंद्र कुमार गंगवार, वरिष्ठ शोध अधिकारी सुरेंद्र सिंह सामंत, सदस्य बसंत सिंह बिष्ट, उत्तरा बंसल, मेजर योगेंद्र यादव, मीरा रतूड़ी आदि मौजूद थे। 

साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने होंगे विंटर कार्निवाल
उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रामनगर में दिसंबर माह में साहसिक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। पर्यटन मंत्री ने इस सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की। महाराज ने कहा कि इस आयोजन में साहसिक पर्यटन से जुड़े स्थानीय हितधारकों को भी आमंत्रित किया जाएगा। पर्यटन समिट के आयोजन से भीमताल, ऋषिकेश, रामनगर, उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ समेत अन्य साहसिक पर्यटन गंतव्यों के हित धारकों और टूर ऑपरेटर्स को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में अवस्थापना विकास से स्थानीय युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूती प्रदान करना है। उन्होंने राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, माउंटेयरिग, ट्रेकिंग समेत अन्य क्षेत्रों से जुड़ी संस्थाओं से समिट में शिरकत करने का आह्वान किया।
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