हरियाणा- 478.85 करोड़
उत्तर प्रदेश- 298.76 करोड़
उत्तराखंड - 38.19 करोड़
राजस्थान - 93.51 करोड़
हिमाचल प्रदेश- 31.58 करोड़
दिल्ली- 60.50 करोड़
एशिया का दूसरा सबसे बड़ा बांध होगा किशाऊ
किशाऊ बांध एशिया का दूसरा सबसे बड़ा बांध होगा। एशिया का सबसे बड़ा बांध उतराखंड में ही टिहरी डैम है, जिसकी उंचाई 260 मीटर है। किशाऊ बांध दो राज्य हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर बन रहा है। ये बांध उत्तराखंड की मुख्य नदी टौंस नदी पर बनेगा, जो आगे जाकर यमुना नदी में मिल जाती है।
किशाऊ बांध 236 मीटर ऊंचा और 680 मीटर लंबा होगा, जिससे करीब 660 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इस बांध के बनने से हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। इन सबमें सबसे ज्यादा फायदा देश की राजधानी दिल्ली को होगा, जिससे वहां पानी की आपूर्ति को पूरा किया जा सके।
इस प्रोजेक्ट के तहत मोहराड़ से त्यूनी तक लगभग 32 किलोमीटर लंबी झील बनाई जाएगी। अभी तक के सर्वेक्षण के हिसाब से इस परियोजना से उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के 81,300 पेड़, 631 लकड़ी से बने मकान, 171 पक्के मकान, दोनों राज्यों के 632 सामूहिक परिवार तथा 508 एकल परिवार, आठ मंदिर, छह पंचायतें, दो अस्पताल, सात प्राइमरी स्कूल, दो मिडल स्कूल, एक इंटर कालेज जलमग्न होंगे।
किशाऊ बांध परियोजना के लिए संशोधित डीपीआर तैयार की जा रही है। इसके लिए ताजा सर्वेक्षण कराया जाएगा। इस सर्वेक्षण के बाद सभी खर्चों को समाहित करते हुए डीपीआर तैयार की जाएगी। इसके बाद सभी छह राज्यों के बीच एग्रीमेंट होना है।
- संदीप सिंघल, एमडी, उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड