प्रदेश सरकार वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत दी जाने वाली सब्सिडी की राशि बढ़ाने की तैयारी कर रही है। गुरुवार को पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सब्सिडी बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा क्षेत्र की आवश्यकता के अनुसार रोपवे व पर्यटन विकास योजना का प्रस्ताव बना कर केंद्र को भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सचिवालय में पर्यटन विभाग की समीक्षा की। उन्होंने पर्यटन से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ ही तीन माह की योजना का भी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। कहा कि प्रदेश में नए पर्यटन स्थलों के विकास और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ पर्यटकों की सुख सुविधाओं का विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
गढ़वाल और कुमाऊं मंडल विकास निगम के विश्राम गृहों को और सुविधाजनक बनाने, वेलनेस सेंटर की सुविधा बढ़ाने से पर्यटन बढ़ेगा। बता दें कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना के तहत इलेक्ट्रिक बस खरीदने के लिए 33 प्रतिशत या अधिकतम 15 लाख की सब्सिडी दी जाती है। जबकि अन्य टैक्सी के लिए अन्य वाहन खरीदने पर 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ.एसएस संधू, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, अपर सचिव युगल किशोर पंत व स्वाति भदौरिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
काली व शारदा नदी में राफ्टिंग को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए काली, शारदा नदियों में राफ्टिंग को बढ़ावा देने और टिहरी झील में सी प्लेन योजना को शीघ्र धरातल पर उतारने को कहा। मसूरी व नैनीताल की ट्रैफिक जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए निर्देश दिए। राज्य के पौराणिक महत्व के धार्मिक स्थलों, पुराने पर्यटन स्थलों का भी पर्यटन की दृष्टि से विकास किया जाएगा। देहरादून-मसूरी, ऋषिकेश-नीलकंठ रोपवे के साथ ही पाताल भुवनेश्वर तथा पूर्णागिरी रोपवे निर्माण का भी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। अल्मोड़ा के नीम करोली में पार्किंग की व्यवस्था को पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित करने को कहा है।
पर्यटन की 28 गतिविधियां उद्योग की श्रेणी में
सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पर्यटन योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पर्यटन की 28 गतिविधियों को उद्योग की श्रेणी में शामिल किया गया है। फिल्म शूटिंग के लिए राज्य को बेस्ट फ्रेंडली स्टेट का अवार्ड दिया गया है। राज्य का पर्यटन कलेंडर तैयार किया गया है। राज्य के लोगों की संख्या से चार गुना पर्यटक यहां आते हैं। वर्ष 2014 में आपदा के बाद तीन लाख श्रद्धालु चारधाम यात्रा में आए थे। जबकि 2019 में यह संख्या 34 लाख से ज्यादा रही है। इसमें 10 लाख लोग केदारनाथ के दर्शन करने आए थे।