प्रदेश में 100 यूनिट बिजली फ्री देने की घोषणा करने के बाद अब ऊर्जा मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत ने यूपीसीएल को घाटे से उबारने की कवायद तेज कर दी है। उन्होंने यूपीसीएल मुख्यालय में समीक्षा बैठक ली, जिसमें अधिकारियों को यूपीसीएल को घाटे से उबारने और कर्मचारियों की मांगों से संबंधित निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि यूपीसीएल लगातार घाटे में चल रहा है। 100 यूनिट बिजली मुफ्त देने की सूरत में यह घाटा और बढ़ जाएगा। ऐसे हालात में निगम को घाटे से उबारने की जरूरत है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह यूपीसीएल की लाइन हानियां (लाइन लॉस) कम करें। अभी करीब 16 प्रतिशत लाइन लॉस है, जिसे उन्होंने पहले चरण में 12 प्रतिशत तक लाने के निर्देश दिए।
मंत्री के मुताबिक, एक प्रतिशत लाइन लॉस पर निगम को करीब 75 करोड़ का नुकसान होता है। अगर हम चार प्रतिशत की कमी कर लेंगे तो सीधे तौर पर 300 करोड़ का फायदा होगा। इसके साथ ही मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह बिजली खरीद की प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शी बनाने के साथ ही सही वक्त पर सही फैसला लें।
ताकि निगम को बिजली खरीद में कम खर्च करना पड़े। बैठक में निगमों की चेयरमैन अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव ऊर्जा सौजन्या, यूपीसीएल-पिटकुल के एमडी दीपक रावत, यूजेवीएनएल के एमडी संदीप सिंघल सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
कर्मचारियों से वार्ता कर जल्द करें समाधान
ऊर्जा मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत ने कहा कि बिजली कर्मचारियों की मांगों को लेकर विभिन्न राज्यों के हालात देखे जाएं। वहां मांगों के सापेक्ष क्या प्रावधान हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अपने-अपने स्तर की मांगों पर बिजली कर्मचारियों से वार्ता कर जल्द समाधान करें।
दिलों की दूरी कम करें : हरक
ऊर्जा मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत ने कहा कि यह देखने में आया है कि तीनों ऊर्जा निगमों के बीच बेहतर तालमेल की कमी है। सब एक-दूसरे पर काम टालने की कोशिश करते हैं। लिहाजा, दिलों की दूरी कम करें। उन्होंने निर्देश दिए कि तीनों निगम आपस में बेहतर समन्वय के साथ काम करें। फाइलों के बीच कामों को न टालें।