इंस्टीट्यूट में सभी तरह की जांच सुविधाएं जुटाई जाएंगी। यहां पर रेडियोलॉजी विभाग होगा, जहां सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड आदि हो सकेंगे। पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री की लैब भी होगी। इससे रक्त आदि की जांच एक ही जगह पर हो सकेंगी।
जमीन की बात भी आगे बढ़ी
वर्तमान में स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट आरक्षित वन भूमि पर निर्मित है। इस जमीन के नियमितीकरण का प्रस्ताव आगे बढ़ गया है। पेनाल्टी जमा होने के बाद अब क्षतिपूरक वनीकरण संबंधी प्रक्रिया चल रही है। स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट निर्माण के लिए चार हेक्टेयर से अधिक वन भूमि की जरूरत है, इसका प्रस्ताव भी वन भूमि हस्तांतरण के नोडल कार्यालय में पहुंच गया है।
स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की डीपीआर तैयार हो चुकी है। इसे शासन को भेजा जा चुका है। इंस्टीट्यूट में कई विभाग होंगे। इसके अलावा कई तरह की इलाज से जुड़ी सुविधाएं एक जगह पर होंगी।
-डॉ. केसी पांडे, निदेशक स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट