ऊधमसिंह नगर जिले में बन रहे कुमाऊं के पहले बाल संप्रेक्षण गृह में बाल अपराधियों को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से वेब डेवलपिंग, फोटोशॉप, मोबाइल रिपेयरिंग, मोटर मैकेनिक सहित अन्य एडवांस कौशल प्रशिक्षण दिए जाएंगे। इससे उनकी सोच सकारात्मक होने के साथ ही वह आत्मनिर्भर बन सकेंगे और बाल संप्रेक्षण गृह से निकलने के बाद स्वरोजगार भी कर सकेंगे।
पेयजल निर्माण एवं संसाधन निर्माण इकाई की ओर से कलक्ट्रेट परिसर में चार करोड़ 91 लाख रुपये की लागत से बाल संप्रेक्षण गृह बनाया जा रहा है। कोरोना काल के चलते निर्माण कार्य में देरी हुई है। वर्तमान में बाल संप्रेक्षण गृह भदईपुरा में किराये के भवन में संचालित है। इसमें 25 बाल अपराधियों को रखा गया है। किराये की बिल्डिंग में बाल अपराधियों को पढ़ाई कराई जाती है, लेकिन उन्हें कौशल प्रशिक्षण, इंडोर गेम्स सहित अन्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
भवन में जगह कम होने की वजह से बाल अपराधियों के लिए खेल और अन्य गतिविधियां भी संचालित नहीं हो पाती हैं। इन परेशानियों को देखते हुए कलक्ट्रेट परिसर में बाल संप्रेक्षण गृह का निर्माण कराया जा रहा है। इसका जिम्मा पेयजल निर्माण निगम के जिम्मे हैं।
निगम के परियोजना निदेशक ओम प्रकाश ने बताया कि बाल संप्रेक्षण गृह निर्माणाधीन है। इसमें पहले चरण में बाल अपराधियों के लिए छात्रावास अप्रैल तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद इसे प्रोबेशन विभाग को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। तत्पश्चात परिसर में कर्मचारियों के आवास सहित अन्य कमरों का निर्माण होगा।
छात्रावास में 60 बाल अपराधियों के रहने की होगी व्यवस्था
पेयजल निर्माण निगम से मिली जानकारी के मुताबिक छात्रावास में 60 बाल अपराधियों के रहने की व्यवस्था की जाएगी। इसमें उन्हें पढ़ाई के साथ ही इंडोर गेम्स भी खिलाए जाएंगे। इसके अलावा मनोरंजन के लिए अन्य गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी।
कौशल प्रशिक्षण मिलने के बाद लोन भी दिया जाएगा
बाल अपराधियों को संप्रेक्षण गृह में दिलचस्पी के अनुसार विभिन्न कोर्सों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कौशल प्रशिक्षण लेने के बाद संप्रेक्षण गृह से जब वे बाहर आएंगे तो स्वरोजगार शुरू करने के लिए जिला उद्योग केंद्र से ऋण की व्यवस्था की जाएगी।
बाल संप्रेक्षण गृह जिला प्रोबेशन विभाग को हस्तांतरित होने के बाद नए कौशल प्रशिक्षण बाल अपराधियों को दिए जाएंगे। इसका एक्शन प्लान बनना शुरू हो गया है। उसके बाद जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। एक्शन प्लान में उन्हें वेब डेवलपिंग, फोटोशॉप जैसे फ्रीलांसिंग कोर्स कराए जाएंगे। जिससे वह स्वरोजगार कर सकेंगे।
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डॉ. श्वेता दीक्षित, महिला कल्याण अधिकारी