हर स्कूल में एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए। जो सोशल डिस्टेंसिंग एवं कोविड प्रोटोकाल संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन कराने के लिए उत्तरदायी होंगे।
बुखार, खांसी जुकाम हुआ तो घर भेज दिया जाएगा
यदि किसी छात्र, शिक्षक या कर्मचारी में खांसी, जुकाम या बुखार के लक्षण होते हैं तो प्राथमिक उपचार देते हुए उन्हें घर वापस भेज दिया जाएगा।
स्कूलों को करनी होगी छात्र-छात्राओं के लिए मास्क की व्यवस्था
यदि कोई छात्र-छात्रा बिना मास्क के स्कूल आते हैं तो ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल को मास्क की व्यवस्था करनी होगी।
एक साथ नहीं होगी सभी छात्र-छात्राओं की छुट्टी
स्कूल में प्रवेश एवं छुट्टी के समय मुख्य द्वार पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके इसके लिए अलग-अलग कक्षाओं के लिए समय अंतराल तय किया जाएगा, एक साथ सभी कक्षाओं को न छोड़ा जाए।
सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वैक्सीनेशन को प्राथमिकता
स्कूल के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं भोजन माताओं के वैक्सीनेशन की व्यवस्था कर ली जाए।
शिक्षकों को बनाया उत्तरदायी
स्कूलों में छात्र-छात्राओं ने तय मानक के अनुरूप कितना सीखा इसके लिए शिक्षक उत्तरदायी होंगे। छात्र-छात्राओं को कितना आता है उनके इस स्तर का आंकलन एससीईआरटी द्वारा किया जाएगा।
हर स्कूल में यह तय किया जाय कि शुरुआत में प्रत्येक कक्षा के हर विषय से संबंधित पिछले वर्ष के सीखने के अंतर को दूर करने के लिए एससीईआरटी द्वारा विकसित ब्रिजकोर्स के आधार पर बच्चों को पढ़ाया जाए।
छात्र-छात्राओं को फुल बाजू की पैंट, शर्ट में आना होगा स्कूल
डेंगू एवं मलेरिया के भी बढ़ते मामलों को देखते हुए छात्र-छात्राओं को स्कूल अवधि में फुल बाजू के पैंट शर्ट, सलवार कमीज पहनकर स्कूल आना होगा।
स्कूलों में नहीं होगी प्रार्थना सभा एवं खेल गतिविधियां
शिक्षा सचिव की ओर से जारी आदेश के मुताबिक स्कूलों में प्रार्थना सभा, बाल सभा, खेल, संगीत, सांस्कृति कार्यक्रम एवं अन्य सामूहिक गतिविधियां कोविड-19 के संक्रमण के खतरे को देखते हुए अगले आदेशों तक नहीं होंगे।
ट्यूशन फीस के अलावा स्कूल छात्र-छात्राओं से नहीं ले सकेंगे कोई अतिरिक्त शुल्क
स्कूल बच्चों से ट्यूशन फीस के अलावा स्कूल कोई शुल्क नहीं ले सकेंगे। आदेश में कहा गया है कि स्कूलों को भौतिक रूप से खोले जाने का निर्णय बच्चों के पढ़ाई के नुकसान को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। समस्त स्कूल प्रबंधन की ओर से यह तय किया जाए कि बच्चों से शिक्षण शुल्क के अलावा अन्य गतिविधियों से संबंधित शुल्क किसी भी दशा में न लिया जाए और न ही प्रथम चरण में पाठ्यत्तेर गतिविधियों का आयोजन किया जाए।
वहीं मध्याह्न भोजन योजना की वर्तमान व्यवस्था जिसके तहत बच्चों को खाद्यान एवं मध्याह्न भोजन सामग्री दी जा रही है, उसको यथावत रखते हुए स्कूलों में अगले आदेश तक पका पकाया भोजन नहीं दिया जाए। भोजन माता नियमित रूप से स्कूल में उपस्थित होंगी जो छात्र-छात्राओं के सैनिटाइजेशन व अन्य कोविड प्रोटोकाल के पालन में संस्था का सहयोग करेंगी। इसके अलावा स्कूल परिसर में छात्र-छात्राओं को लंच बाक्स या अन्य भोज्य पदार्थ लाने की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए विद्यालय प्रबंधन की ओर से नियमित रूप से निगरानी की जाएगी।