फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: कक्षा एक से पांचवीं तक के स्कूलों को खोले जाने को लेकर शासन ने जारी की एसओपी

Sat, 18 Sep 2021 07:26 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

प्रदेश में कोविड की वजह से पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से बंद चल रहे कक्षा एक से पांचवीं तक के 14007 सरकारी और निजी स्कूल 21 सितंबर से खुल जाएंगे।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रदेश में 21 सितंबर से खुल रहे कक्षा एक से पांचवीं तक के सरकारी और निजी स्कूल तीन घंटे चलेंगे। सभी स्कूल कोविड प्रोटोकाल को ध्यान में रखते हुए दो शिफ्ट में चलेंगे। स्कूलों में ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यम से पढ़ाई होगी।

विज्ञापन

 

उत्तराखंड में कोरोना: शनिवार को मिले 21 नए मरीज, 282 हुई सक्रिय संक्रमितों की संख्या

शासन ने कुछ प्रतिबंधों के साथ स्कूल खोले जाने को लेकर शनिवार को एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी कर दी। स्कूल सोमवार से शुक्रवार तक खुले रहेंगे। शनिवार और रविवार को जिला प्रशासन, नगर प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से स्कूलों में सैनिटाइज एवं फॉगिंग कराई जाएगी। किसी भी छात्र को स्कूल आने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।   

विज्ञापन


शिक्षा सचिव राधिका झा की ओर से जारी आदेश के मुताबिक राज्य के समस्त प्राथमिक स्कूलों में 21 सितंबर से भौतिक रूप से पठन-पाठन कुछ प्रतिबंधों के साथ शुरू किया जाएगा। स्कूल खोले जाने से पहले उन्हें सैनिटाइज किया जाए। स्कूलों में सैनिटाइजर, हैंडवाश, थर्मल स्कैनिंग एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की जाए, हर छात्र-छात्राओं को हैंड सैनिटाइज, थर्मल स्कैनिंग कराने के बाद ही स्कूल में प्रवेश दिया जाए।

स्कूलों में एंटीसैप्टिक लिक्विड हैंडवाश की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए। शिक्षण संस्थाओं में बच्चों के पीने के पानी का स्थान स्वच्छ रखते हुए पानी की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखा जाए। ध्यान रहे कि ऐसे स्थानों पर छात्र-छात्राएं एक साथ एकत्रित न हों।

शिक्षा सचिव की ओर से जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि स्कूलों को खोलने से पहले स्कूल प्रबंधक, प्रधानाध्यापक एवं समस्त उपखंड शिक्षा अधिकारी यह तय कर लें कि जर्जर कक्षों में शिक्षण कार्य किसी भी स्थिति में न कराया जाए। स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था कर ली जाए। छात्र-छात्राएं जिन वाहनों से स्कूल आते हैं समय-समय पर उन्हें भी सैनिटाइज करना होगा।
 

हर स्कूल में नामित होगा एक नोडल अधिकारी

हर स्कूल में एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए। जो सोशल डिस्टेंसिंग एवं कोविड प्रोटोकाल संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन कराने के लिए उत्तरदायी होंगे। 

बुखार, खांसी जुकाम हुआ तो घर भेज दिया जाएगा
यदि किसी छात्र, शिक्षक या कर्मचारी में खांसी, जुकाम या बुखार के लक्षण होते हैं तो प्राथमिक उपचार देते हुए उन्हें घर वापस भेज दिया जाएगा।  

स्कूलों को करनी होगी छात्र-छात्राओं के लिए मास्क की व्यवस्था
यदि कोई छात्र-छात्रा बिना मास्क के स्कूल आते हैं तो ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल को मास्क की व्यवस्था करनी होगी।  

एक साथ नहीं होगी सभी छात्र-छात्राओं की छुट्टी
स्कूल में प्रवेश एवं छुट्टी के समय मुख्य द्वार पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके इसके लिए अलग-अलग कक्षाओं के लिए समय अंतराल तय किया जाएगा, एक साथ सभी कक्षाओं को न छोड़ा जाए।

सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वैक्सीनेशन को प्राथमिकता
 स्कूल के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं भोजन माताओं के वैक्सीनेशन की व्यवस्था कर ली जाए।  

शिक्षकों को बनाया उत्तरदायी
स्कूलों में छात्र-छात्राओं ने तय मानक के अनुरूप कितना सीखा इसके लिए शिक्षक उत्तरदायी होंगे। छात्र-छात्राओं को कितना आता है उनके इस स्तर का आंकलन एससीईआरटी द्वारा किया जाएगा। 
विज्ञापन

बच्चों के पढ़ाई के नुकसान की ब्रिज कोर्स से भरपाई की तैयारी

हर स्कूल में यह तय किया जाय कि शुरुआत में प्रत्येक कक्षा के हर विषय से संबंधित पिछले वर्ष के सीखने के अंतर को दूर करने के लिए एससीईआरटी द्वारा विकसित ब्रिजकोर्स के आधार पर बच्चों को पढ़ाया जाए।  

छात्र-छात्राओं को फुल बाजू की पैंट, शर्ट में आना होगा स्कूल
डेंगू एवं मलेरिया के भी बढ़ते मामलों को देखते हुए छात्र-छात्राओं को स्कूल अवधि में फुल बाजू के पैंट शर्ट, सलवार कमीज पहनकर स्कूल आना होगा।

स्कूलों में नहीं होगी प्रार्थना सभा एवं खेल गतिविधियां 
शिक्षा सचिव की ओर से जारी आदेश के मुताबिक स्कूलों में प्रार्थना सभा, बाल सभा, खेल, संगीत, सांस्कृति कार्यक्रम एवं अन्य सामूहिक गतिविधियां कोविड-19 के संक्रमण के खतरे को  देखते हुए अगले आदेशों तक नहीं होंगे। 

ट्यूशन फीस के अलावा स्कूल छात्र-छात्राओं से नहीं ले सकेंगे कोई अतिरिक्त शुल्क
स्कूल बच्चों से ट्यूशन फीस के अलावा स्कूल कोई शुल्क नहीं ले सकेंगे। आदेश में कहा गया है कि स्कूलों को भौतिक रूप से खोले जाने का निर्णय बच्चों के पढ़ाई के नुकसान को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। समस्त स्कूल प्रबंधन की ओर से यह तय किया जाए कि बच्चों से शिक्षण शुल्क के अलावा अन्य गतिविधियों से संबंधित शुल्क किसी भी दशा में न लिया जाए और न ही प्रथम चरण में पाठ्यत्तेर गतिविधियों का आयोजन किया जाए।

वहीं मध्याह्न भोजन योजना की वर्तमान व्यवस्था जिसके तहत बच्चों को खाद्यान एवं मध्याह्न भोजन सामग्री दी जा रही है, उसको यथावत रखते हुए स्कूलों में अगले आदेश तक पका पकाया भोजन नहीं दिया जाए। भोजन माता नियमित रूप से स्कूल में उपस्थित होंगी जो छात्र-छात्राओं के सैनिटाइजेशन व अन्य कोविड प्रोटोकाल के पालन में संस्था का सहयोग करेंगी। इसके अलावा स्कूल परिसर में छात्र-छात्राओं को लंच बाक्स या अन्य भोज्य पदार्थ लाने की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए विद्यालय प्रबंधन की ओर से नियमित रूप से निगरानी की जाएगी।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें