फिटनेस के मानकों में मिले ढील
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने एआरटीओ कार्यालय में टैक्सी और बस ऑपरेटर्स के साथ बैठक की। इस दौरान बस और टैक्सी चालकों मालिकों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखी। बस, टैक्सी ऑपरेटर्स का कहना था कि फिटनेस के मानकों में ढील दी जाए। इस दौरान अधिकारियों ने ट्रासंपोर्टरों की मांग को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
चारधाम यात्रा की एसओपी के खिलाफ बैठक
वहीं यमुना मंदिर खरशाली में तार्थपुरोहितों ने चारधाम यात्रा की एसओपी के खिलाफ बैठक की। पुरोहितों का कहना है कि एसओपी पुरोहितों के हित में नहीं है। जब टीका-दान नहीं लेना है तो फिर हमें इस यात्रा ये क्या लाभ होगा। उधर, यमुनोत्रीधाम के प्रमुख पड़व जानकीचट्टी में यात्रियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। लेकिन प्रशासन की अधूरी तैयारियों के कारण सुबह 11 बजे के बाद यात्रियों का रजिस्ट्रेशन शुरू हो पाया।
ऋषिकेश: प्राइवेट बसों से बदरीनाथ, केदारनाथ के लिए रवाना हुए यात्री
चारधाम यात्रा खुलने के बाद कुछ यात्री आईएसबीटी स्थित चारधाम यात्रा काउंटर पर जानकारी पूछते रहे। कुछ यात्री फोन पर यात्रा के विषय में जानकारी जुटाते रहे। टीजीएमओ के अध्यक्ष जितेंद्र नेगी ने बताया कि अभी बाहरी राज्यों से यात्री चारधाम यात्रा के बारे में जानकारी पूछ रहे हैं, कुछ यात्रियों ने चारधाम, कुछ ने दो धाम के लिए बस बुक करा दी है। उन्होंने बताया कि शनिवार को (सोनप्रयाग)केदारनाथ और बदरीनाथ जाने वाली बस में कुछ यात्री रवाना हुए। अभी यात्रियों की बस रवाना नहीं। उम्मीद है कि 22-23 सितंबर यात्रियों को लेकर बसें रवाना होंगी। वहीं उत्तराखंड परिवहन महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय ने बताया कि 12 बसों की बुकिंग गढवाल मंडल कांटेक्ट कैरिज कंपनी को मिली है, उन्होंने बताया कि कंपनी की बसें 22-23 सिंतबर को बदरीनाथ केदारनाथ और गंगोत्री के लिए रवाना होंगी।
हेमकुंड साहिब में एक दिन में एक हजार यात्री ही धाम के दर्शन कर सकेंगे। हेमकुंड ट्रस्ट ने यात्रा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। हेमकुंड ट्रस्ट के उपाध्यक्ष उपाध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को कोविड गाइड लाइन के नियमों का पालन करना होगा।
श्रद्धालुओं को ऋषिकेश गुरुद्वारा ट्रस्ट के कार्यालय में पंजीकरण करवाकर प्रमाणपत्र साथ लाना होगा। उन्होंने कहा कि 60 साल से अधिक उम्र और 10 साल से कम आयु के बच्चे धाम में न आएं। साथ ही यात्रियों को किसी भी कुंड में स्नान करने की अनुमति नहीं होगी।
चारधामों में दर्शन करने वाले यात्री प्रसाद नहीं चढ़ाएंगे। साथ ही तिलक भी नहीं लगेगा। मंदिर में मूर्तियों और घंटियों को छूने, तप्त कुंडों में स्नान पर प्रतिबंध रहेगा। केदारनाथ धाम में एक समय में छह यात्री ही सभामंडप से दर्शन कर सकेंगे। गर्भगृह में जाने की अनुमति नहीं होगी।
चारधामों में दर्शन के लिए ये रहेगी प्रतिदिन संख्या
बदरीनाथ में रोज 1000, केदारनाथ में 800, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में अधिकतम 400 लोग रोज दर्शन कर सकेंगे।
एक रात ठहर सकेंगे यात्री
चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थ यात्रियों को धामों में ज्यादा दिन ठहरने की अनुमति नहीं होगी। कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए चारधामों में भीड़ पर नियंत्रण रहेगा। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री धाम में जारी ई-पास पर मात्र एक रात ठहरने की अनुमति होगी।