प्रदेश में कोविड की वजह से पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से बंद चल रहे कक्षा एक से पांचवीं तक के 14007 सरकारी और निजी स्कूल 21 सितंबर से खुल जाएंगे। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने शिक्षा सचिव को इसके निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा है कि परिस्थितियां सामान्य हो गई हैं। जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री से बात करने के बाद स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया है।
कक्षा एक से 12वीं तक के स्कूलों को मार्च 2000 से बंद कर दिया गया था
प्रदेश में कोविड संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए कक्षा एक से 12वीं तक के स्कूलों को मार्च 2000 से बंद कर दिया गया था। स्कूलों को बंद किए जाने के बाद पहले माध्यमिक विद्यालयों को और इसके बाद जूनियर हाईस्कूलों को खोला गया था, लेकिन प्रदेश के कक्षा एक से पांचवीं तक के सरकारी और निजी सभी स्कूल अब भी बंद हैं। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के मुताबिक देश और प्रदेश में कोविड संक्रमित मरीजों की संख्या कम हुई है।
परिस्थितियां भी सामान्य हुई हैं, लेकिन कोविड अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि स्कूल खुलने के दौरान एसओपी का पालन किया जाए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूल खुलने के बावजूद बच्चों की ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई जारी रहेगी। अभिभावकों पर बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर किसी तरह का दबाव नहीं होगा।
कक्षा एक से पांचवीं तक साढ़े 7 लाख से अधिक हैं छात्र-छात्राएं
प्रदेश के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में लगभग तीन लाख 63 हजार और निजी स्कूलों में चार लाख से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
14007 हैं एक से पांचवीं तक के स्कूल
राजकीय प्राथमिक विद्यालय-11653
राजकीय सहायता प्राप्त विद्यालय-11
अन्य सरकारी विद्यालय -53
निजी प्राथमिक विद्यालय-2290
सरकार का स्कूलों को खोलने का निर्णय सही है, स्कूल बंद होने के दौरान संसाधनों की कमी के चलते बच्चों की पढ़ाई पर इसका असर पड़ रहा था, एसओपी को ध्यान में रखते हुए स्कूल खुलने चाहिए।
- दिग्विजय चौहान, प्रदेश अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ
अभी स्कूल खोले जाने का निर्णय सही नहीं है, सरकार एक ओर कोविड को लेकर एसओपी जारी कर रही है, इससे स्पष्ट है कि कहीं न कहीं कोविड का खतरा बरकरार है।
-आरिफ खान, नेशनल एसोसिएशन फॉर पैरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स