महिला शक्ति केंद्र के मुताबिक यदि कोरोना खत्म हो जाता है तो वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का झंझट खत्म कर गांव में भी कलक्टर की क्लासें लगाई जाएंगी। बालिकाओं के रुचि के अनुसार संबंधित विभाग के अधिकारी गांव पहुंचकर बालिकाओं में अफसर बनने का ज्ञान देंगे। एक ब्लॉक के बाद अन्य ब्लॉकों में भी क्लासें शुरू की जाएंगी (संवाद)
मेरा सपना मेरा लक्ष्य योजना शुरू करना मुख्य विकास अधिकारी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। वह चाहते हैं कि बालिकाएं ऊंचे मुकाम तक जाने के लिए अपना लक्ष्य तय करें। लक्ष्य तय करने के लिए उनकी क्लासें लगाई जाएंगी। ऑनलाइन वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के जरिये बालिकाओं को संबंधित अधिकारी पढ़ाएंगे। जिन्हें डीएम बनना है वह डीएम से, सीडीओ बनना है तो सीडीओ से या फिर कोई और अधिकारी बनना है तो वह उस अधिकारी से क्लास लेंगे। इसे कलक्टर की क्लास का नाम दिया गया है।
-डॉ. श्वेता दीक्षित, महिला कल्याण अधिकारी