बैठक में विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को विधायकों द्वारा दिए गए सुझावों को शामिल कर प्राकृतिक आपदा संबंधी वर्ष 2011 की विस्थापन/पुनर्वास नीति का संशोधन प्रस्ताव शीघ्र कैबिनेट में लाने के निर्देश दिए।
उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा संबंधी वर्ष 2011 की विस्थापन एवं पुनर्वास नीति संशोधित होगी। शीघ्र ही इसका प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा। यह जानकारी आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने दी। इससे पूर्व उन्होंने प्रदेश के आपदा प्रभावित गांवों के पुनर्वास को लेकर विधानसभा में समीक्षा बैठक की। जिसमें आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील क्षेत्रों के विधायक और शासन के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को विधायकों द्वारा दिए गए सुझावों को शामिल कर प्राकृतिक आपदा संबंधी वर्ष 2011 की विस्थापन/पुनर्वास नीति का संशोधन प्रस्ताव शीघ्र कैबिनेट में लाने के निर्देश दिए। बैठक में विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों के दैवीय आपदाग्रस्त गांवों एवं परिवारों के शीघ्र विस्थापन की मांग रखते हुए नियमों में शिथिलता लाने संबंधी सुझाव रखे।
जिस पर विभागीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि संशोधित नीति में विधायकों एवं विशेषज्ञों के सुझावों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 10 दिन बाद पुन: विस्थापन एवं पुनर्वास प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी। वहीं, विभागीय मंत्री ने अफसरों को पुराने एवं आधे-अधूरे आंकड़े प्रस्तुत करने पर फटकार लगाते हुए भविष्य में पूरी जानकारी के साथ बैठक में आने की नसीहत दी।
बैठक में कपकोट विधायक बलवंत सिंह भौर्याल, यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत, पुरोला विधायक राजकुमार, बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट, केदारनाथ विधायक मनोज रावत, थराली विधायक मुन्नी देवी, घनसाली विधायक शक्ति लाल, धारचूला विधायक हरीश धामी, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास एसए मुरुगेशन, अपर सचिव डॉ.आनंद श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव विक्रम सिंह यादव, अनुभाग अधिकारी एसडी बेलवाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।