हर्षिल घाटी के केसर की खेती के लिए मौसम एकदम अनुकूल है। सीएचओ डा. रजनीश सिंह का कहना है कि केसर की खेती के लिए मुख्य आवश्यकता ठंडे वातावरण की है। हर्षिल घाटी में अच्छी बर्फबारी होती है।
नदी द्वारा बहाकर लाई गई मिट्टी (जलोढ़ मृदा) में केसर का अच्छा उत्पादन होता है। हिमालयी क्षेत्र होने के चलते हर्षिल घाटी में भी ऐसी ही मिट्टी है। बताया कि सितंबर-अक्तूबर में बीज लगाने के बाद मई-जून में उत्पादन मिलेगा।
योजना के लिए जिला योजना 2021-22 में 9.8 लाख का बजट रखा गया है। काश्तकारों को केसर के बीज उपलब्ध कराने के साथ उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। जरूरत हुई तो बागवानी और वानिकी विवि भरसार व कृषि विवि पंतनगर का भी सहयोग लेंगे।
- डा. रजनीश सिंह, मुख्य उद्यान अधिकारी, उत्तरकाशी।