किशोरी से घर में काम कराने और उसे मारपीट करने वाले परिवार के रसूख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस के घर पर दस्तक देने के बाद से सिफारिश के फोन घनघनाने शुरू हो गए थे। सूत्र बताते हैं कि सत्ताधारी पार्टी के एक बड़े नेता से लेकर तमाम फोन कॉल मामले को रफा दफा करने के लिए पुलिस को किए गए।
पुलिस पर झाड़ा था रौब
इतना ही नहीं, पुलिस ने जब महिला को साथ चलने के लिए कहा तो उसकी बेटी ने रौब झाड़ने का भी पूरा प्रयास किया। लेकिन पुलिस की सख्ती के आगे परिवार की एक नहीं चली। वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेंद्र सिंह रावत इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और उन्होंने कार्रवाई के निर्देश पुलिस को दिए हैं। किशोरी के बाल खाने में गिरे थे और काम करते वक्त उसके बाल किसी काम में बाधा न बने। इसके लिए किशोरी के माथे के बालों को काट दिया गया था।
एसआई सद्दाम शेख की तरफ से दंपती के खिलाफ जूवेनाइल एक्ट व मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही दंपती को गिरफ्तार किया जाएगा।
- चंद्र चंद्राकर नैथानी, कोतवाल ज्वालापुर