मांगें पूरी न होने के विरोध में रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने आंदोलन की चेतावनी दी है। परिषद ने बुधवार को मंडलीय प्रबंधक को आंदोलन का नोटिस दिया है। परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष मेजपाल सिंह, क्षेत्रीय मंत्री राकेश पेटवाल ने बुधवार को 15 सूत्री मांगपत्र के साथ रोडवेज के मंडल प्रबंधक तकनीकी एवं संचालन को आंदोलन का नोटिस दिया। उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। 26 अक्तूबर तक समाधान न किया गया तो 27 अक्तूबर से संगठन अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर देगा।
यह हैं प्रमुख मांगें
-अगस्त से लंबित वेतन का भुगतान किया जाए। हर माह वेतन देने की व्यवस्था बनाई जाए।
-एसीपी प्रत्यावेदनों का तत्काल निपटारा कर, जिन कर्मचारियों को एमएसीपी का लाभ मिलना है, उनका एमएसीपी का वेतन निर्धारण किया जाए।
-संविदा, विशेष श्रेणी, तकनीकी, संचालन कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
-निगम मुख्यालय की तर्ज पर एवं नियमावली के मुताबिक नियमित कर्मचारियों को स्थायी किया जाए।
-ऋषिकेश डिपो स्थित डीजल पंप के संदर्भ में आ रही आपत्तियों का तत्काल निपटारा किया जाए।
-कार्यशालाओं में स्पेयर पार्ट्स, लूब्रिकेंट्स, टायर, ट्यूब की पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति की जाए, जिससे बसों का संचालन सुचारू हो सके।
-देहरादून के सभी डिपो में नई ई-टिकटिंग मशीनों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
-राज्य कर्मचारियों की भांति परिवहन निगम कर्मचारियों को भी मकान किराया भत्ता, 11 प्रतिशत डीए, कार्यशाला कर्मचारियों को प्रदूषण भत्ता, चिकित्सा भत्ता, धुलाई भत्ता भी लागू किया जाए। कोरोना महामारी के दौरान जो भत्ते बंद किए गए थे, उन्हें दोबारा शुरू किया जाए।
-शासनादेश के अनुरूप सभी सवर्ग की प्रोन्नति दीपावली से पहले सुनिश्चित की जाए।
-कोविड-19 के तहत परिचालक संवर्ग से प्रोन्नति में किलोमीटर की बाध्यता को समाप्त किया जाए। कोविड में जिन कर्मचारियों की मृत्यु हो चुकी है, उनके परिजनों को सरकार के आदेशानुसार मुआवजे का भुगतान किया जाए।