उन्होंने बताया कि पार्क क्षेत्र में अभी भी काफी बर्फ जमा है। सर्दियों में भारी बर्फबारी और भूस्खलन के कारण कच्ची ढांग सहित कुछ अन्य स्थानों पर ट्रेक क्षतिग्रस्त हो गया है। जबकि कुछ जगहों पर भारी बोल्डर जमा हैं। अभी भोजवासा स्थित लाल बाबा आश्रम और जीएमवीएन का पर्यटक आवासगृह भी बंद है। अप्रैल माह में यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को हिमाच्छादित वादियों का नजारा देखने को मिलेगा।
कोटबंगला तक ही जाने की मिलेगी अनुमति
गंगोत्री नेशनल पार्क के वन क्षेत्राधिकारी प्रताप पंवार ने बताया कि गंगोत्री-गोमुख ट्रेक के क्षतिग्रस्त हिस्सों को दुरुस्त कराया जाएगा। भोजवासा में ठहराव की व्यवस्था 14 मई को गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के बाद ही उपलब्ध होगी। ऐसे में अपने साथ रहने खाने आदि की व्यवस्था के साथ जाने वाले पर्यटकों को ही जाने की अनुमति दी जाएगी। कलक्ट्रेट परिसर में सिंगल विंडो सिस्टम चालू होने तक पार्क के कोटबंगला स्थित कार्यालय से ही पर्यटकों को अनुमति जारी की जाएगी।