यहां स्थित प्रदेश स्तरीय खाद्य एवं औषधि विश्लेषणशाला को राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज यानी एनएबीए) की मान्यता मिल गई है। अब इस प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य होगी। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट को मिलावटखोर कोर्ट में भी चुनौती नहीं दे पाएंगे।
भारत में सिर्फ गुजरात, महाराष्ट्र, मुंबई, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और केरल की खाद्य एवं औषधि लैबों को ही राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड की मान्यता है। बीते दो दिसंबर को उत्तराखंड की रुद्रपुर स्थित खाद्य एवं औषधि विश्लेषणशाला को इसकी मान्यता मिल गई है। मान्यता से पहले एनएबीएल की टीम ने प्रयोगशाला की तकनीकी सुविधाओं और मशीनों की गुणवत्ता का आकलन किया था। टीम ने खाद्य व औषधि की जांच के अंतराराष्ट्रीय मानकों में प्रयोगशाला को खरी पाया।
रुद्रपुर स्थित खाद्य एवं औषधि विश्लेषणशाला में प्रतिवर्ष उत्तराखंड के 13 जिलों के एक हजार से अधिक खाद्य और औषधि के नमूनों की जांच होती है। यह मान्यता प्रयोगशाला को दो साल के लिए एक दिसंबर 2022 तक मिली है। इसके बाद नवीनीकरण के लिए दोबारा निरीक्षण किया जाएगा।
राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड की मान्यता मिलने के बाद अब उत्तराखंड की प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट को मिलावटखोर न्यायालय में भी चुनौती नहीं दे पाएंगे। इससे मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई आसान हो जाएगी।
- निशांत त्यागी, प्रभारी, खाद्य एवं औषधि विश्लेषणशाला
क्या है राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड
राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड विज्ञान और प्रोद्योगिकी विभाग के अंतर्गत एक स्वायत्त निकाय है। यह अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन आईएसओ (इंटनरेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर स्टैंडराइजेशन) से संबद्ध है। यह खाद्य और औषधि के नमूनों की अंतराष्ट्रीय मानकों की जांच करता है।