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उत्तराखंड में डेंगू: रुड़की में 22 और कोटद्वार में 30 लोगों को लगा डेंगू का डंक

Tue, 26 Oct 2021 08:52 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की/कोटद्वार

सार

डेंगू सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में फैल रहा है। यहां लगातार डेंगू पीड़ित और संदिग्ध बुखार से पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है।
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डेंगू(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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विस्तार
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रुड़की क्षेत्र में लगातार बढ़ते डेंगू के प्रकोप के बीच 22 और लोग इसकी चपेट में आ गए हैं। इसमें हरजौली, गाधारोणा और मुंडलाना गांव शामिल हैं। वहीं टीम ने अलग-अलग गांवों से 216 लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। इनकी रिपोर्ट भी दो से तीन दिन में आ जाएगी। इन मरीजों के सामने आने के आद अब जिले में डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़कर 248 हो गई है।

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डेंगू सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में फैल रहा है। यहां लगातार डेंगू पीड़ित और संदिग्ध बुखार से पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है। डेंगू के सबसे अधिक केस सामने आने पर लंढौरा क्षेत्र के गाधारोणा को स्वास्थ्य विभाग डेंगू हॉट स्पॉट भी घोषित कर चुका है। वहीं भलस्वागाज और हरजौली में इसका कहर बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को भी रुड़की क्षेत्र में 22 लोग संदिग्ध बुखार से पीड़ित आए हैं। इसमें हरजौली में से लिए गए 39 सैंपलों में से 11 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई ह।

इसके अलावा गाधारोणा से लिए गए 20 सैंपलों में से 10 और मुंडलाना से लिए गए 10 सैंपलों में से एक मरीज में डेंगू की पुष्टि हुई है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. गुरनाम सिंह ने बताया कि कुछ गांवों से शिकायत आ रही थी कि उनके यहां बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अलग-अलग गांवों में जाकर 216 लोगों के सैंपल लिए हैं। इसमें से गाधारोणा से 12, भौरी से 50, अकबरपुर से 54, फकरेड़ी से 50 और खेड़ी शिकोहपुर से 50 लोगों के सैंपल लिए गए है। इन सैंपलों को जांच के लिए सिविल अस्पताल में भेज दिया गया है। उम्मीद है कि दो से तीन दिन में रिपोर्ट आ जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या 248 हो गई है।

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कोटद्वार में 30 लोग डेंगू से पीड़ित

बरसात के बाद अब कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में डेंगू ने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। आए दिन बेस अस्पताल की ओपीडी में बदन दर्द और तेज बुुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। जांच के बाद अब तक करीब 30 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। उनका राजकीय बेस अस्पताल में उपचार चल रहा हैै, लेकिन, नगर निगम प्रशासन की ओर से नगर में कीटनाशक का छिड़काव नहीं किया जा रहा है।

40 वार्डों की सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेेदार नगर निगम डेंगू के मामले में सुस्त कार्यप्रणाली अपनाए हुए हैं। लापरवाही का आलम यह है कि नगर निगम की ओर से न तो मच्छरों को मारने के लिए फॉगिंग की जा रही है और न ही कीटनाशक का छिड़काव किया जा रहा है।

नतीजतन, आए दिन लोग डेंगू रोग का शिकार हो रहे हैं। बेस अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार गत दिनों में कोटद्वार के लकड़ी पड़ाव, देवी रोड, मानपुर, शिवपुर, काशीरामपुर, झंडीचौड़, किशनपुर, पदमपुर, जौनपुर आदि क्षेत्रों के करीब 30 लोग डेंगू से पीड़ित हैं। ओपीडी में आए करीब 129 लोग डेंगू संदिग्ध पाए जाने पर उनके टेस्ट हो रहे हैं। 

ब्लड सेपरेशन यूनिट को नहीं मिला लाइसेंस
वर्ष 2019 में कोटद्वार में बढ़े डेंगू के मरीज और दुर्घटनाओं को देखते हुए बेस अस्पताल के ब्लड बैंक में ब्लड सेपरेशन यूनिट को स्वीकृति दी गई थी लेकिन बेस अस्पताल में करीब 60 लाख रुपये की लागत से लगी ब्लड सेपरेशन यूनिट शोपीस बनी है। लाइसेंस नहीं मिलने के कारण डेंगू के गंभीर मरीजों को प्लेटलेट्स नहीं चढ़ाई जा रही है, जिसके कारण उन्हें हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। 

कोटद्वार में 30 लोग डेंगू से पीड़ित हैं। ब्लड सेपरेशन यूनिट के लिए लाइसेंस हासिल करने का प्रयास चल रहा है। लाइसेंस न होने के कारण अभी डेंगू के मरीजों को यहां पर प्लेटलेट्स नहीं चढ़ाए जा रहे हैं। 
- डॉ. बीसी काला, पीएस बेस अस्पताल कोटद्वार।

नगर निगम क्षेत्र में कीटनाशक का छिड़काव और फॉगिंग नहीं होने की जानकारी नहीं है। कर्मचारियों को भेजकर समस्या का समाधान किया जाएगा। 
- केएस नेगी, नगर आयुक्त कोटद्वार।
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