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ऋषिकेश: कांग्रेस का तीन दिवसीय मंथन शिविर शुरू, विधानसभा चुनाव को लेकर तय होगा एजेंडा

Tue, 03 Aug 2021 09:49 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश

सार

बता दें कि शिविर के आयोजन के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण की अध्यक्षता में स्वागत समिति का गठन किया गया है।
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कांग्रेस का मंथन शिविर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड कांग्रेस का तीन दिवसीय विचार मंथन शिविर तीर्थनगरी ऋषिकेश में शुरू हो गया। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण इस शिविर में प्रदेश के दिग्गज नेताओं ने पहले दिन मिनट-दर-मिनट विचार मंथन कर पार्टी की रणनीति बनाने पर जोर दिया। कोर कमेटी की बैठक के साथ शुरू हुए शिविर में प्रदेश प्रभारी और कोर कमेटी अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने समिति सदस्यों को केंद्रीय संगठन की ओर से जारी दिशा-निर्देश की जानकारी दी। 

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देहरादून रोड स्थित एक होटल में आयोजित विचार मंथन शिविर के पहले दिन प्रथम सत्र में प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने तीन दिन तक चलने वाले मंथन शिविर के एजेंडे को विभिन्न समितियों के सम्मुख रखा। बंद कमरे में सुबह 10 बजे शुरू हुआ बैठकों का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा है। सबसे पहले चुनाव प्रचार समिति के सदस्यों के साथ बैठक आयोजित की गई। इसके बाद करीब साढ़े 11 बजे प्रशिक्षण कमेटी की बैठक हुई। दोपहर एक बजे पब्लिसिटी कमेटी की बैठक बुलाई गई। भोजनावकाश के बाद शाम चार बजे चुनाव आउटरीच कमेटी की बैठक हुई। इसके बाद शाम साढ़े बजे मीडिया कमेटी के सुझावों पर चर्चा की गई। शाम साढ़े सात बजे समस्त समितियों के अध्यक्षों के साथ अलग से चर्चा सत्र चला। 

पार्टी प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने बताया कि समिति के सदस्यों ने लिखित और मौखिक रूप से अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रदेश कांग्रेस संगठन की ओर से जितनी भी समितियां गठित की गई हैं, सभी समितियों की बैठक अगले दो तीन दिन और आयोजित की जाएगी। तीसरे और आखिरी दिन अंतिम सत्र में सभी समितियों से आए विचार और सुझावों की समीक्षा करने के बाद ही कांग्रेस का आगामी चुनाव प्रचार मैप तैयार किया जाएगा। 
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इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस विचार मंथन शिविर की शुरुआत बेहतर हुई है। समितियों के साथ बैठक का जो समय तय किया गया है, बैठकें उससे लंबी चल रही हैं। तमाम समितियों की ओर से सुझाव प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई की मंथन शिविर से कांग्रेस एक ऐसा रोड मैप तैयार कर पाएगी, जिस पर चलकर हम राज्य में सत्तासीन भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने में कामयाब होंगे। 

बैठक में सह प्रभारी राजेश धर्माणी, दीपिका पांडे, कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. जीत राम, भुवन कापड़ी, तिलक राज बेहड़, रंजीत रावत सह प्रभारी राजेश धर्माणी, दीपिका पांडे, कावत, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, सांसद प्रदीप टम्टा, विधायक काजी निजामुद्दीन, उपनेता प्रतिपक्ष करण माहरा, प्रकाश जोशी, नवप्रभात, मयूख महर, मनीष खंडूरी, आदेश चौहान, राजेंद्र भंडारी, ममता राकेश, आर्येद्र शर्मा, शूरवीर सिंह सजवाण, नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, प्रदेश महामंत्री संगठन विजय सारस्वत, प्रदेश महामंत्री राजपाल खरोला, एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला, डॉ. केएस राणा, महिला जिलाध्यक्ष मधु सेमवाल, ब्लाक अध्यक्ष ऋषिकेश बरफ सिंह पोखरियाल, नंद किशोर जाटव, मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि, गरिमा दसौनी, राजेश चमोली आदि मौजूद थे।

पार्टी एकजुटता की कवायद पर कार्यकर्ताओं ने फेरा पानी 

कांग्रेस विचार मंथन शिविर को लेकर कांग्रेस नेताओं में उत्साह देखने को मिला। आयोजन समिति के पदाधिकारी सोमवार से बैठक की तैयारी में जुट गए थे। इधर, पार्टी एकजुटता की कवायद पर कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर पानी फेर दिया। अपने-अपने नेताओं के समर्थन में लगे नारों ने वरिष्ठ नेताओं को ही असहज कर दिया। आखिर में खुद हरीश और प्रीतम को आगे आकर कार्यकर्ताओं को शांत कराना पड़ा। 

मंगलवार को सुबह नौ बजे से कांग्रेस की विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारियों का देहरादून रोड स्थित बैठक स्थल पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। उत्तराखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्र ढोल-दमाऊ की थाप और मसकबीन की धुन के साथ बैठक में शिरकत करने वाले पदाधिकारियों का स्वागत किया गया। सुबह 10 बजे पहले चरण में चुनाव प्रचार समिति और चुनाव समिति की बैठक का दौर शुरू हुआ। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव और नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह एक साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।

जैसे ही समर्थकों की नजर नेता प्रतिपक्ष पर पड़ी तो उन्होंने प्रीतम सिंह जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। काफी देर तक बैठक स्थल नारों से गूंजता रहा। करीब एक बजे पूर्व मुख्यमंत्री और चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष हरीश रावत बैठक स्थल पर पहुंचे। उनके साथ समर्थकों की भीड़ भी थी। समर्थकों ने बैठक स्थल के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी। करीब 25 मिनट तक समर्थक नारेबाजी करते रहे। कांग्रेस पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन कार्यकर्ताओं पर नेताओं की अपील का कोई असर नहीं हुआ। करीब 25 मिनट तक समर्थक हरीश रावत जिंदाबाद के नारे लगाते रहे। इस बीच कांग्रेस के कई नेता कार्यकर्ताओं पर जमकर बरसे।

हरीश रावत के समर्थकों ने की धक्का मुक्की

चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष हरीश रावत के साथ उनके दर्जनों समर्थक भी विचार मंथन शिविर में पहुंच गए। पार्टी पदाधिकारियों ने उन्हें अंदर आने से रोका तो कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच जमकर बहस और धक्कामुक्की हुई।

मंगलवार दोपहर एक बजे कांग्रेस चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष हरीश रावत बैठक स्थल पर पहुंचे। उनके साथ समर्थकों का काफिला भी था। समर्थक पूरे जोश के साथ हरीश रावत जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे। हरीश रावत खेमे के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य द्वार पर उनका स्वागत किया। जब हरीश रावत बैठक स्थल की ओर बढ़ने लगे तो समर्थकों की भीड़ भी उनके पीछे जाने लगी।

भीड़ को देखते हुए आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने प्रवेश द्वार को बंद कर दिया। आयोजन से जुड़े लोगों ने समर्थकों को बताया कि केवल कांग्रेस की विभिन्न समितियों के पदाधिकारी और सदस्य ही बैठक में शामिल हो सकते हैं। इस पर कई समर्थक पदाधिकारियों से उलझने लगे। प्रवेश द्वार बंद होते ही हरीश रावत समर्थक बेकाबू हो गए और दरवाजे पर धक्का मारने लगे। गेट आधा खुला तो समर्थक बैठक स्थल में दाखिल हो गए। पदाधिकारियों के मनाने के बाद बड़ी मुश्किल से समर्थक मान गए।

सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियां
आयोजन स्थल बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के पहुंचने से सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ी। कई पदाधिकारी सही से मास्क तक नहीं पहने थे। 

बैठक में नहीं गैर सदस्यों को प्रवेश की अनुमति 
कांग्रेस के मंथन शिविर में केवल समितियों के पदाधिकारियों और सदस्यों को जाने की इजाजत है। हालांकि, जो लोग समितियों में नहीं थे, वह पहुंचे ही नहीं, लेकिन कुछ कार्यकर्ताओं की ओर से बैठक में घुसने की कोशिश की गई, जिन्हें गेट पर ही रोक दिया गया। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि बैठक में केवल समिति सदस्यों को ही आमंत्रित किया गया था। गैर सदस्यों को प्रवेश की अनुमति नहीं थी। 

तीसरे दिन बनेगी चुनावी रणनीति
मंथन शिविर में चुनाव से जुड़े मुख्य विषयों पर विधायक, पूर्व विधायक, प्रदेश कार्यकारिणी, सभी जिलाध्यक्ष, सभी कमेटी, अनुसांगिक संगठन, विभाग एवं पदाधिकारी प्रतिभाग कर रहे हैं। शिविर में मैनिफेस्टो के लिए सुझाव, प्रस्तावित मुद्दे, अभियान, प्रस्तावित यात्राएं एवं सभाएं आदि विषयों पर बैठक के बाद मिले सुझावों को कोर कमेटी की बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद चुनाव प्रबंधन की रणनीति तैयार की जाएगी।
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जनता की आशा को विश्वास में बदलेगी कांग्रेस : गोदियाल

कांग्रेस ने विचार मंथन शिविर के साथ एक तरह से 2022 के विधानसभा चुनाव का शंखनाद कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि राज्य की कांग्रेस जनता की आस को विश्वास में बदलने का काम करेगी।

पत्रकारों से बात करते हुए गोदियाल ने कहा कि तीन दिवसीय विचार मंथन शिविर में कांग्रेस के चुनाव प्रचार का अगले छह माह का रोड मैप तैयार किया जाएगा। जिस उत्साह के साथ कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता मोर्चे पर डटने के लिए उत्साह दिखा रहा है, उससे कांग्रेस 2022 के लक्ष्य को भेदने में कामयाब होगी। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की जनता कांग्रेस की तरफ आशा भरी निगाहों से देख रही है, पार्टी जनता की इन्हीं आशाओं को विश्वास में बदलने का काम करेगी।

अब यह पार्टी का भी कर्तव्य बन जाता है कि जनता के बीच पहुंचकर कैसे अपनी बात उन्हें समझानी है। उन्होंने कहा कि अकसर लोग पार्टी में गुटबाजी की बात करते हैं, जबकि यह भाजपा का फैलाया हुआ प्रोपगंडा है। कांग्रेस में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं हैं। जबकि भाजपा में कितनी एकता है, यह उसने तीन माह में तीन मुख्यमंत्री बदलकर बता दिया। 

प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस भू-कानून, महंगाई, रोजगार, कोरोना में प्रदेश सरकार की लापरवाही, कोरोना टेस्टिंग घोटाला जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच में जाएगी। उन्होंने कहा कि साढ़े चार तक भाजपा का डबल इंजन स्टार्ट नहीं हुआ, अब वह पूरी तरह बैठने की ओर है। उन्होंने कहा कि 2022 का चुनाव युवाओं का चुनाव होगा, उत्तराखंडियत का चुनाव होगा। 

प्रदेश में फ्री बिजली दिए जाने मुद्दे पर गोदियाल ने कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो पहले वर्ष सौ यूनिट फ्री बिजली उपभोक्ताओं को दी जाएगी। इसके बाद इसे धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। 

जागेश्वर के मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आस्था के केंद्रों पर कुठाराघात और धार्मिक स्थलों पर इस प्रकार की अभद्रता करना भाजपा नेताओं की शैली बन चुकी है। उन्होंने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से सांसद धर्मेंद्र कश्यप पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी सदस्यता निरस्त करने की मांग दोहराई।
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