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फॉरेस्ट गार्ड भर्ती: शारीरिक दक्षता परीक्षा में 258 महिला अभ्यर्थी पास, आठ ऊंचाई कम होने के कारण हुईं बाहर

Tue, 03 Aug 2021 09:38 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी

सार

वन आरक्षी की भर्ती में फिजिकल पास करना जरूरी है। हालांकि, इसके नंबर मेरिट में नहीं जुड़ेंगे। फाइनल मेरिट लिखित परीक्षा के नंबरों के आधार पर बनेगी। शारीरिक दक्षता परीक्षा को केवल पास करना है।
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फॉरेस्ट गार्ड भर्ती के लिए पहुंचीं युवतियां - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पिछली बार देहरादून में हुई फॉरेस्ट गार्ड (वन आरक्षी) भर्ती के लिए फिजिकल के दौरान एक अभ्यर्थी की मौत के बाद अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने इस बार उच्चस्तरीय व्यवस्था की थी। गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में मंगलवार को महिला अभ्यर्थियों का फिजिकल दोपहर तीन बजे समाप्त हो गया। फिजिकल में 258 महिला अभ्यर्थी पास हुईं। बुधवार को पुरुष अभ्यर्थियों का फिजिकल होगा।

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स्टेडियम में वन आरक्षी की शारीरिक दक्षता परीक्षा सुबह सात बजे शुरू हुई। बारी-बारी से महिला अभ्यर्थियों की लंबाई नापी गई। इसके बाद अभ्यर्थियों को टोकन देकर और दोनों पैरों में कॉलर आईडी बांधकर दौड़ के लिए भेजा गया। फिजिकल में 297 महिला अभ्यर्थियों में से 266 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। इनमें से आठ ऊंचाई में बहार हो गईं। 258 अभ्यर्थी फिजिकल पास करने में सफल रहीं। आयोग ने अभ्यर्थियों को पानी की बोतल और ग्लूकोज उपलब्ध कराया। साथ ही बैठने के लिए टेंट की व्यवस्था की थी। डॉक्टर और एंबुलेंस की टीम भी मौके पर मौजूद रही।

आयोग के सचिव ने अभ्यर्थियों को पानी पिलाया 
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सचिव संतोष बडोनी पूरी भर्ती प्रक्रिया के दौरान धूप में ही खड़े रहे। वह पैदल चाल चल रहे अभ्यर्थियों को खुद पानी पिलाने के साथ उनका हौसलाअफजाई करते रहे। बुधवार को भी आयोग के सचिव भर्ती के दौरान मौजूद रहेंगे।
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खटीमा क्षेत्र की ग्राम प्रधान ने भी हुई शामिल
बूडिया थारू खटीमा क्षेत्र की प्रधान रुचि राणा भी वन आरक्षी भर्ती में शामिल हुई। उन्होंने बाकायदा चार घंटे से पहले 14 किमी की दूरी पूरी की। उन्होंने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से ग्राम प्रधान के पद पर काबिज रहा है। वर्तमान में मैं ग्राम प्रधान हूं। कहा कि मेरा बचपन से ही वनों के प्रति लगाव रहा है। इसलिए मैं वन आरक्षी बनकर वनों को बचाना चाहती हूं।

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लंबाई नापने के लिए डिजिटल मीटर का प्रयोग किया

आयोग ने लंबाई नापने के लिए डिजिटल मीटर का प्रयोग किया। साथ ही दौड़ के लिए अभ्यर्थियों के दोनों पैरों में कॉलर आईडी लगाई गई। इसके अलावा ट्रैक पर डिजिटल मैट भी बिछाई थी। ये सभी रिकॉर्ड आयोग के कंप्यूटर में दर्ज हो रहा था। 

डेढ़ माह में वन विभाग को मिल जाएंगे नए वन आरक्षी 
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने बताया कि एक पद पर दो लोगों को फिजिकल के लिए बुलाया है। फिजिकल में पास होने के बाद इनकी फाइनल मेरिट लिस्ट जारी होगी। इसके बाद प्रमाणपत्रों का सत्यापन होगा। कहा कि करीब डेढ़ माह में वन विभाग को वन आरक्षी मिल जाएंगे। 

धूप से बचने के लिए छतरी का सहारा लिया
महिला अभ्यर्थियों को चार घंटे में 14 किमी चलना था। अधिकतर महिला अभ्यर्थी छाता लेकर पैदल चलते नजर आईं। सभी अभ्यर्थियों ने दौड़ निर्धारित समय में पूरी कर ली।

ये लोग रहे मौजूद 
अधीनस्थ चयन आयोग के सचिव संतोष बडोनी, रंजन नैथानी, हरीश चंद्रा, सहायक निदेशक खेल सुरेश पांडे, एसपी सिटी जगदीश चंद्रा, वन विभाग और पुलिस की टीम भी मौजूद रही। 
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