इंदिरा हृदयेश की निधन पर सूंपर्ण राजनीतिक जगत में शोक व्याप्त है। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उनके निधन पर दुख प्रकट किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इंदिरा हृदयेश की मौत पर दुख जाहिर किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक संदेश पोस्ट किया है।
इंदिरा हृदयेश के निधन का समाचार बहुत पीड़ादायक
राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने स्व. इंदिरा हृदयेश के निधन पर दुख प्रकट किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड विधानसभा की नेता प्रतिपक्ष, वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री और उत्तराखंड की संसदीय राजनीति की महत्वपूर्ण अध्याय डॉ. इंदिरा हृदयेश के निधन का समाचार बहुत पीड़ादायक है। व्यवहार कुशल, निर्विवाद और ममतामयी इंदिरा को मेरी ओर से विनम्र श्रद्धांजलि।
पूरे प्रदेश को क्षति हुई है। उनका सर्वमान्य व्यक्तित्व था। पक्ष-विपक्ष सभी उनके निधन से दुखी हैं। मुझे तो व्यक्तिगत आघात पहुंचा है। उत्तर प्रदेश से साथ रहे। जहां कहीं दिक्कत आती थी तो दीदी से मदद लेते थे। उन्होंने जीवन पर्यंत प्रजातंत्र के मूल्यों को बरकरार रखा। वह सभी से समान व्यवहार रखतीं थीं। ईश्वर परिवार को यह कष्ट सहने की हिम्मत दे।
-अजय भट्ट, सांसद।
यह बहुत दुखद समाचार है। इंदिरा राज्य में वरिष्ठ और कद्दावर नेता थीं। हमने उत्तर प्रदेश से लेकर यहां तक साथ काम किया। उनके साथ हंसी-मजाक चलती थीं। उनके निधन से प्रदेश को बड़ा नुकसान हुआ है।
- बंशीधर भगत, कैबिनेट मंत्री।
इंदिरा के पास 40-45 साल का संसदीय इतिहास का अनुभव था। वह संसदीय मामलों की जानकार थीं। सभी लोगों के साथ उनके मधुर संबंध थे। उनसे ज्ञानवर्धक बातें होती रहतीं थीं। उनके जाना प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है।
-रघुनाथ सिंह चौहान, विधानसभा उपाध्यक्ष।
वह निर्भीक राजनीतिक महिला थीं। हम हमेशा उनसे मदद लेते रहे। कांग्रेस समेत उत्तराखंड की राजनीति को बड़ा नुकसान हुआ है। ईश्वर परिवार के लोगों को इस कष्ट से उबरने की शक्ति दे।
-गोविंद सिंह कुंजवाल विधायक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष।
उनका राजनीतिक कद बहुत बड़ा था। वह संसदीय इतिहास की जानकार थीं। एमएलसी, विधायक, मंत्री के रूप में उनके सेवा कार्यों के लिए वह हमेशा याद रखी जाएंगी।
- मनोज तिवारी, पूर्व विधायक, अल्मोड़ा।