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उत्तराखंड: वरिष्ठ कांग्रेसी नेता इंदिरा हृदयेश का दिल्ली में निधन, हल्द्वानी पहुंचा शव, सोमवार को होगा अंतिम संस्कार

Sun, 13 Jun 2021 10:46 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

कुछ समय पहले ही नेता प्रतिपक्ष कोरोना से उभरी थीं और उनकी हार्ट संबंधी सर्जरी भी हुई थी। उनके बेटे सुमित भी दिल्ली पहुंच रहे हैं।
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इंदिरा हृदयेश - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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उत्तराखंड विधानसभा में विपक्ष की नेता डॉ. इंदिरा हृदयेश का रविवार को नई दिल्ली में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। 80 वर्षीय वरिष्ठ कांग्रेस नेता पार्टी बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली आई थीं और वह उत्तराखंड सदन में ठहरी हुई थीं। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने यह जानकारी हृदयेश के बेटे सुमित हृदयेश के हवाले से दी। उनके उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी, सीएम तीरथ सिंह रावत, राज्यपाल बेबीरानी मौर्य समेत कई नेताओं ने गहरा शोक प्रकट किया। 

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इधर, देर रात करीब 9.15 बजे  उनका पार्थिव शरीर हल्द्वानी स्थित उनके आवास पर पहुंच गया था। कांग्रेस के नैनीताल जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल ने बताया कि इंदिरा का पार्थिव शरीर उनके आवास से सोमवार सुबह नौ बजे स्वराज आश्रम लाकर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। 10 बजे बाद यहां से अंतिम यात्रा चित्रशिलाघाट रानीबाग के लिए प्रस्थान करेगी। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत सुबह पौने आठ बजे हेलिकॉप्टर से हल्द्वानी के गौलापार हेलीपैड पहुंचने के बाद इंदिरा हृदयेश के आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद वह दिल्ली रवाना हो जाएंगे।
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करीब 47 सालों से राजनीति में सक्रिय हृदयेश हल्द्वानी से कांग्रेस विधायक थीं। वह इस साल अप्रैल में कोविड-19 संक्रमित हुई थीं। कोरोना से ठीक होने के बाद उनके दिल की सर्जरी हुई थी। वह शनिवार को दिल्ली में उत्तराखंड पार्टी प्रभारी देवेंद्र यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी शामिल हुई थीं। हृदयेश के निधन पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भी शोक जताया। 

राजनीतिक जगत में शोक

इंदिरा हृदयेश की निधन पर सूंपर्ण राजनीतिक जगत में शोक व्याप्त है। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उनके निधन पर दुख प्रकट किया है। 

पीएम मोदी ने जाहिर किया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इंदिरा हृदयेश की मौत पर दुख जाहिर किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक संदेश पोस्ट किया है।
 

इंदिरा हृदयेश के निधन का समाचार बहुत पीड़ादायक
राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने स्व. इंदिरा हृदयेश के निधन पर दुख प्रकट किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड विधानसभा की नेता प्रतिपक्ष, वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री और उत्तराखंड की संसदीय राजनीति की महत्वपूर्ण अध्याय डॉ. इंदिरा हृदयेश के निधन का समाचार बहुत पीड़ादायक है। व्यवहार कुशल, निर्विवाद और ममतामयी इंदिरा को मेरी ओर से विनम्र श्रद्धांजलि।
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डॉ. इंदिरा हृदयेश के यूं चले जाने से राजनेता दुखी

पूरे प्रदेश को क्षति हुई है। उनका सर्वमान्य व्यक्तित्व था। पक्ष-विपक्ष सभी उनके निधन से दुखी हैं। मुझे तो व्यक्तिगत आघात पहुंचा है। उत्तर प्रदेश से साथ रहे। जहां कहीं दिक्कत आती थी तो दीदी से मदद लेते थे। उन्होंने जीवन पर्यंत प्रजातंत्र के मूल्यों को बरकरार रखा। वह सभी से समान व्यवहार रखतीं थीं। ईश्वर परिवार को यह कष्ट सहने की हिम्मत दे।
-अजय भट्ट, सांसद।

यह बहुत दुखद समाचार है। इंदिरा राज्य में वरिष्ठ और कद्दावर नेता थीं। हमने उत्तर प्रदेश से लेकर यहां तक साथ काम किया। उनके साथ हंसी-मजाक चलती थीं। उनके निधन से प्रदेश को बड़ा नुकसान हुआ है।
- बंशीधर भगत, कैबिनेट मंत्री।

इंदिरा के पास 40-45 साल का संसदीय इतिहास का अनुभव था। वह संसदीय मामलों की जानकार थीं। सभी लोगों के साथ उनके मधुर संबंध थे। उनसे ज्ञानवर्धक बातें होती रहतीं थीं। उनके जाना प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है।
 -रघुनाथ सिंह चौहान, विधानसभा उपाध्यक्ष। 

वह निर्भीक राजनीतिक महिला थीं। हम हमेशा उनसे मदद लेते रहे। कांग्रेस समेत उत्तराखंड की राजनीति को बड़ा नुकसान हुआ है। ईश्वर परिवार के लोगों को इस कष्ट से उबरने की शक्ति दे।
 -गोविंद सिंह कुंजवाल विधायक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष।

उनका राजनीतिक कद बहुत बड़ा था। वह संसदीय इतिहास की जानकार थीं। एमएलसी, विधायक, मंत्री के रूप में उनके सेवा कार्यों के लिए वह हमेशा याद रखी जाएंगी।
- मनोज तिवारी, पूर्व विधायक, अल्मोड़ा।
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