तीर्थपुरोहितों ने उन्हें देवस्थानम बोर्ड समेत आपदा के बाद से उनके हितों की अनदेखी समेत अन्य कई समस्याओं से भी अवगत कराया। पूर्व सीएम के साथ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्यक्ष और मनोज रावत समेत अन्य कई पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के केदारनाथ भ्रमण ने उत्तराखंड की राजनीति को भी गरमा दिया है। आगामी 5 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी केदारनाथ दौरा प्रस्तावित है।
हमारी तरफ से देवस्थानम बोर्ड भंग है : हरीश
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि उनकी तरफ से देवस्थानम बोर्ड भंग है। आगामी विस चुनाव में कांग्रेस सत्ता में आई तो इसे पहले ही दिन भंग कर यात्रा की पूर्व व्यवस्था की जाएगी। वे अपने अधूरे संकल्पों को पूरा करेंगे। इसमें केदारनाथ में बाबा भैरवनाथ की गढ़ी, मंदाकिनी नदी किनारे सुरक्षा दीवार बनाकर केदारपुरी की सुरक्षा, भीमबली में आवास भवन, भीमबली से केदारपुरी तक वृहद विकास की रूपरेखा शामिल है। पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि सरकार 30 अक्तूबर तक देवस्थानम बोर्ड को वापस ले। उन्होंने केदारनाथ में तीर्थपुरोहितों से कहा कि वे एकजुट होकर एक्ट वापस लेने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे पर सांकेतिक प्रदर्शन भी करें। साथ ही उन्होंने केदारनाथ में यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर भी नाराजगी जताई।