उधर, कांग्रेस में भी नेता प्रतिपक्ष के नाम के एलान का इंतजार है। पार्टी के वरिष्ठ नेता हरीश रावत व प्रीतम सिंह समेत अन्य विधायकों ने केंद्रीय नेताओं के साथ जमकर मंथन किया। फैसला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर छोड़ दिया है। सोनिया दरबार से फैसला आने तक कांग्रेस हलकों में प्रीतम सिंह को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने की चर्चाएं गरमा रही हैं।
प्रीतम नेता प्रतिपक्ष बनेंगे तो उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी छोड़नी होगी। ऐसी स्थिति में अध्यक्ष पद के लिए भी नाम तय करना पड़ेगा। फैसले के इंतजार में प्रीतम दिल्ली में ही जमे हैं। पार्टी के कुछ विधायक दिल्ली से लौट आए हैं। वैसे जातीय व क्षेत्रीय समीकरणों के आधार पर कई नाम हवाओं में तैर रहे हैं।
हरीश और प्रीतम खेमे की ओर से ब्राह्मण नेताओं के नाम अचानक चर्चाओं में आ गए हैं। गढ़वाल से किशोर उपाध्याय, गणेश गोदियाल, मंत्री प्रसाद नैथानी, कुमाऊं से मनोज तिवारी और प्रकाश जोशी के नामों की चर्चा है। प्रीतम खेमे से भुवन कापड़ी और अब आर्येंद्र शर्मा को दिल्ली बुलाए जाने की भी चर्चा जोरों पर है।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने फेसबुक पर एक वीडियो अपलोड किया कि इस बार वह श्रीनगर गढ़वाल में घी संक्रांत और अल्मोड़ा में हरेला पर्व की प्रतियोगिता कराएंगे। उनके इस वीडियो संदेश के सियासी निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए हरीश खेमे से जो दो ब्राह्मण नेताओं के नाम चर्चाओं में हैं, उनमें श्रीनगर गढ़वाल से पूर्व विधायक गणेश गोदियाल का और अल्मोड़ा से पूर्व विधायक मनोज तिवारी का है।
मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा सामान्य बात है। राष्ट्रीय दलों के नेताओं का दिल्ली आना जाना सामान्य बात है। उन्होंने वहां केंद्रीय नेताओं से बातचीत की है। वह शुक्रवार को दिल्ली से लौट आएंगे।
- सुबोध उनियाल, शासकीय प्रवक्ता, उत्तराखंड सरकार
नेता प्रतिपक्ष के नाम का एलान कांग्रेस अध्यक्ष को करना है। हम सभी विधायकों ने प्रस्ताव लिखकर कांग्रेस आलाकमान को सौंप दिया है। मैं अभी दिल्ली में ही हूं। फैसले का इंतजार है।
- प्रीतम सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड कांग्रेस