मालूम हो कि मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर एसके झा की तहरीर पर महामारी अधिनियम 3, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की 53 धारा, 120 बी, 188, 269, 270, 420, 468, 471 धाराओं में नगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।
अब एसआईटी की टीम ने दर्ज मुकदमे में 467 धारा भी बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि एसआईटी की जांच में सामने आया है कि कूटरचना कर फर्जी दस्तावेज बनाए गए हैं। ऐसे में अब मेले प्रशासन से जुड़े अधिकारियों पर भी मुकदमे दर्ज हो सकते हैं। इस धारा के बढ़ने से फर्म व लैब संचालकों के साथ ही मेला प्रशासन के कुछ अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एसआईटी के प्रभारी राकेश रावत ने बताया कि कोरोना जांच घोटाले में लगातार जांच की जा रही है।
गैर जमानती है धारा 467
एसआईटी की ओर से पहले से दर्ज मुकदमे में बढ़ाई गई धारा 467 गैर जमानती है। इस धारा में 10 साल से लेकर आजीवन तक की सजा का भी प्रावधान है। बता दें कि हाईकोर्ट से फर्म व लैब व संचालकों को रिलीफ मिला हुआ था।