डीजल के दाम, वाहनों का मेंटिनेंस, लोन, प्रमाणपत्रों का खर्च, टायरों का खर्च, स्पेयर पार्ट्स के दाम आदि।
यहां बढ़ेगा किराया-भाड़ा
- रोडवेज की बसों का किराया
- टैक्सी-मैक्सी का किराया
- निजी बसों का किराया
- ई-रिक्शा का किराया
- एंबुलेंस का किराया
इन पर भी होगा फैसला
- विभिन्न रूटों पर बस संचालन
- रूटों के परमिट पर फैसला
- सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में निर्णय
डीजल के लगातार बढ़ते दाम अब परिवहन निगम के लिए भी मुश्किलें पैदा करने लगे हैं। कई रूटों पर बस संचालन पहले के मुकाबले काफी महंगा साबित हो रहा है। लिहाजा, निगम इसके विकल्प के तौर पर सीएनजी बसों की दिशा में काम कर रहा है।
डीजल के लगातार बढ़ते दामों की वजह से निगम की कई रूटों पर बस संचालन महंगा हो गया है लेकिन निगम ने कोई किराया नहीं बढ़ाया। किराया बढ़ोतरी पर एसटीए की बैठक में फैसला होना है। दरअसल, परिवहन निगम फिलहाल दिल्ली रूट पर 11 सीएनजी बसों का संचालन कर रहा है। इन बसों से निगम को कम खर्च में बेहतर कमाई हो रही है।
लगातार महंगे होते संचालन पर काबू पाने के लिए निगम ने अगस्त में हुई बोर्ड बैठक में तय किया था कि 600 बसों को सीएनजी में कन्वर्ट किया जाएगा। परिवहन निगम के जीएम संचालन एवं तकनीकी दीपक जैन ने बताया कि इस प्रक्रिया के लिए टेंडर तैयार किया जा रहा है। जल्द ही टेंडर जारी कर दिया जाएगा।
पहाड़ में फिलहाल डीजल बसें ही चलेंगी
परिवहन निगम के अधिकारियों के मुुताबिक, यह सीएनजी बसें फिलहाल मैदानी रूटों पर ही चलेंगी। पर्वतीय क्षेत्रों में डीजल बसों का ही संचालन किया जाएगा। इसके पीछे मुख्य वजह यह मानी जा रही है कि सीएनजी के मुकाबले डीजल इंजन की खिंचाई बेहतर होती है।
एसटीए की बैठक 23 को तय हुई है। बैठक के लिए आरटीओ समिति की किराया बढ़ोतरी संबंधी रिपोर्ट रखी जाएगी। इसके अलावा विभिन्न मुद्दों पर निर्णय होगा।
- एसके सिंह, उप परिवहन आयुक्त, परिवहन मुख्यालय