75 साल की आयु पूरी कर चुके उत्तराखंड में काशीपुर विधायक हरभजन सिंह चीमा ने सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया है। चीमा ने कहा कि काशीपुर सीट से भाजपा के टिकट के लिए वह अपने पुत्र त्रिलोक सिंह चीमा की दावेदारी पेश करेंगे। जल्द ही त्रिलोक भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे।
विधायक चीमा ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि भाजपा ने लगातार चार चुनावों में टिकट देकर उन पर भरोसा जताया। वह हमेशा ही पार्टी के साथ जनता की अपेक्षाओं पर भी खरे उतरे। खासकर क्षेत्र को गुंडई और रंगदारी से मुक्त कराने में उन्होंने प्रभावी भूमिका निभाई। उन्होंने विकास के नए आयाम स्थापित किए। कभी पार्टी लाइन से हटकर काम नहीं किया।
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चीमा ने कहा कि पार्टी आमतौर पर 75 साल से ऊपर आयु के लोगों को टिकट नहीं देती। ऐसे में वह अब अपने लिए टिकट नहीं मांगेंगे। उनके 52 वर्षीय पुत्र त्रिलोक सिंह चीमा उद्यमी है। उनमें सोशल प्लेटफार्म पर काम करने की काफी ललक है।
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उनकी इच्छा को देखते हुए वह पार्टी हाईकमान के समक्ष उनके लिए टिकट की दावेदारी करेंगे। चीमा ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि पार्टी हाईकमान उनकी बात का सम्मान रखेगा। चीमा ने कहा कि अगर किसी और को पार्टी का टिकट मिलता है तो वे उसे पूरी शिद्दत के साथ चुनाव लड़ाएंगे। त्रिलोक सिंह भी उनका अनुसरण कर जनता की सेवा में लगे रहेंगे।
वहां मौजूद त्रिलोक सिंह चीमा ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विचारधारा और काम करने के तरीके से बहुत प्रभावित हैं। उनका परिवार भी लंबे समय तक भाजपा से जुड़ा हुआ है। चीमा ने कहा कि वर्तमान में कृषि सेक्टर खतरे में है। कृषि कानूनों को लेकर यदि कोई समस्या है तो उसका समाधान होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा।