एसएस कलेर का ट्रांसपोर्ट का बिजनेस है। सिकंदर भी इस काम में हाथ बंटाता था। अक्सर देहरादून से पेमेंट लेने के लिए सिकंदर ही आता था। इस बार भी करीब 15 दिन पहले सिकंदर देहरादून आया था। इससे पहले वह विभिन्न होटलों में रुका था। बुधवार शाम को इस होटल में आया था। सिकंदर की मौत की सूचना के बाद आप नेत्री एडवोकेट रजिया बेग व अन्य नेता भी मौके पर पहुंचे।
शाम से फोन नहीं उठा रहा था सिकंदर, पिता ने दी डॉ. अंसारी को सूचना
जब भी सिकंदर देहरादून आता था तब वह डॉ. सोएब अंसारी के संपर्क में भी रहता था। डॉ. अंसारी कलेर परिवार के मित्र हैं और यहां के कामकाज पर भी नजर रखते हैं। डॉ. अंसारी ने बताया कि उन्हें बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे एसएस कलेर का फोन आया था। उन्होंने बताया था कि सिकंदर बुधवार शाम से फोन नहीं उठा रहा है। डॉ. अंसारी को इस बात की जानकारी थी कि सिकंदर होटल रोज वुड में ठहरा हुआ है। इस पर वह होटल पहुंचे तो दरवाजा नहीं खुला। उन्होंने स्टाफ से कहा तो उन्होंने मना कर दिया। इस बात पर उनकी बहस भी हो गई। काफी जद्दोजहद करने के बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी।
सिकंदर ने बुधवार रात कुशाग्र नाम के युवक को फोन कर बुलाया और उसके साथ पार्टी करने चला गया। वहां से जब वापस आया तो कुशाग्र ने उसे दरवाजे पर ही छोड़ दिया। उसने होटल स्टाफ से कहा कि उसे कमरे तक छोड़ दो। होटल स्टाफ के मुताबिक सिकंदर चलते हुए डगमगा रहा था। अपने साथ ले जाने की बात कुशाग्र ने पुलिस और मीडिया दोनों के सामने कही है।
कुशाग्र ने पुलिस को बताया कि सिकंदर ने रात 11 बजे फोन किया था। इसके बाद वह उसे अपनी कार में लेकर भट्टा फॉल तक गया। कुशाग्र के अनुसार वहां उन्होंने ने कार में ही शराब आदि पी। इसके बाद देर रात करीब दो बजे वह उसे होटल लेकर पहुंचा था।
कुशाग्र के अनुसार उसकी सिकंदर से मुलाकात तीन-चार महीने पहले ही हुई थी। कुशाग्र ने उस दौरान आप पार्टी ज्वाइन की थी। पुलिस ने कुशाग्र के बयान दर्ज कर लिए हैं। कुशाग्र के अनुसार दोनों ने ज्यादा पी ली थी। लिहाजा, उसने स्टाफ से ही कह दिया कि उसे कमरे तक छोड़ आएं। सीसीटीवी फुटेज में भी उनके गेट तक आने की पुष्टि हुई है।