फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: चारधाम यात्रा पर पहुंच रहे श्रद्धालु, टंगड़ी में 14 घंटे बाद खुला बदरीनाथ हाईवे 

Thu, 30 Sep 2021 06:53 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

Chardham Yatra 2021: भूस्खलन के चलते मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण बदरीनाथ जाने वाले सभी वाहन मुख्य बाजार से होकर गुजर रहे हैं। बाकी अन्य धामों को जाने वाले सभी मार्गों पर यातायात सुचारू है।
विज्ञापन
यमुनोत्री धाम में भक्तों की चहल-पहल  - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के लिए दूसरे राज्यों के श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है। वहीं, टंगड़ी गांव के पास मलबा आने से बंद हुआ बदरीनाथ हाईवे बृहस्पतिवार को करीब 14 घंटे बाद बहाल हुआ। बुधवार देर शाम तक जब हाईवे नहीं खुला तो टंगड़ी गांव के ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने सैकड़ों यात्रियों के गांव में रहने की व्यवस्था की और उन्हें भोजन भी कराया।

विज्ञापन


बुधवार शाम करीब चार बजे टंगड़ी गांव के पास मलबा आने से हाईवे बंद हो गया था। लगातार गिर रहे पत्थरों के कारण हाईवे खोलने में एनएच को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। साथ ही यहां सैकड़ों यात्री वाहन भी फंसे रहे। यात्रियों की परेशानियों को देखते हुए टंगड़ी गांव के ग्राम प्रधान हीरा सिंह पंवार और दमयंती देवी के नेतृत्व में ग्रामीण हाईवे पर गए और यात्रियों को रात्रि विश्राम के लिए गांव ले गए।

ग्राम प्रधान ने बताया कि 130 यात्रियों को निशुल्क भोजन कराया और 50 यात्रियों को रहने की व्यवस्था मिलन केंद्र में की गई। इसमें गांव के लोगों ने पूरा सहयोग किया। बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे एनएच की जेसीबी ने हाईवे से मलबा हटाकर यातायात सुचारु कर दिया। इसके बाद हाईवे पर फंसे यात्रियों और पर्यटकों ने राहत की सांस ली और गंतव्यों को रवाना हुए।
विज्ञापन


उधर, गुरुवार को बदरीनाथ धाम जाने वाला नरसिंह मंदिर मार्ग भूस्खलन के चलते क्षतिग्रस्त हो गया है।मार्ग क्षतिग्रस्त होने की वजह से बदरीनाथ जाने वाले सभी वाहन मुख्य बाजार से होकर गुजर रहे हैं। बाकी अन्य धामों को जाने वाले सभी मार्गों पर यातायात सुचारू है। यमुनोत्री धाम में भक्तों की चहल-पहल देखकर स्थानीय लोगों के चेहरों पर रौनक आ गई है।

बदरीनाथ 850 और केदारनाथ पहुंचे 487 श्रद्धालु
गुरुवार को बदरीनाथ धाम में शाम चार बजे तक 850 यात्रियों ने भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए। जबकि हेमकुंड और लोकपाल में दर्शन के लिए 336 यात्री पहुंचे हैं। वहीं केदारनाथ में शाम 4 बजे तक 487 श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए। गंगोत्री धाम में 486 और यमुनोत्री धाम में 321 श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। 

यात्रा प्रभारी युद्धवीर सिंह पुष्पवाण ने बताया कि सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का जुटना शुरू हो गया था। पिछले पांच दिनों से प्रतिदिन दर्शनार्थियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। सभी यात्रियों को देवस्थानम बोर्ड के नियमों के तहत दर्शन कराए जा रहे हैं। 

Trending Videos
विज्ञापन

उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन की अपार संभावनाएं : महाराज

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन की अपार संभावनाएं है। सरकार की ओर से विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। सर्दियों में बाबा केदारनाथ की पूजा ऊखीमठ, बदरीनाथ की पांडुकेश्वर, गंगोत्री की मुखवा और मां यमुनोत्री की पूजा शीतकालीन प्रवास खरसाली में कर सकते हैं। 

मुंबई में तीन दिवसीय इंटरनेशनल ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (टीटीएफ) का उद्घाटन पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और महाराष्ट्र की पर्यटन राज्य मंत्री अदिति तटकरे ने संयुक्त रूप किया। टूरिज्म फेयर के पहले दिन ही उत्तराखंड पर्यटन के स्टॉलों पर आगंतुओं का विशेष आकर्षण बना रहा। इन स्टॉलों में योगासन, राफ्टिंग, साइकिलिंग समेत साहसिक पर्यटन का प्रस्तुतीकरण दिया गया।

महाराज ने कहा कि कोविड महामारी में पर्यटन को सबसे ज्यादा आर्थिक नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई के लिए सरकार विंटर टूरिज्म को बढ़ावा दे रही है, जिससे पूरे साल देश दुनिया के पर्यटक उत्तराखंड आ सके। शीतकालीन और साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन की ओर से जिला प्रशासन के साथ मिलकर नैनीताल, भीमताल, पंगोट, मसूरी समेत कई स्थानों पर विंटर कार्निवाल आयोजित किए जा रहे हैं।

औली स्कीइंग खेलों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। जबकि ट्रेकिंग के लिए केदारकांठा ट्रैक भी उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में ही है। उन्होंने चारधाम के कपाट हर साल नवंबर माह में बंद हो जाते हैं। सरकार का प्रयास है कि सर्दियों में भी पर्यटक केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री के दर्शन शीतकालीन प्रवास पर दर्शन के लिए आएं। 

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि मुंबई से हर साल लाखों पर्यटक उत्तराखंड आते हैं। कोरोना काल में पर्यटकों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने होमस्टे योजना पर तेजी से काम किया है। वर्क फ्रॉम होम के लिए उत्तराखंड एक डेस्टिनेशन बना है। इस मौके पर पूर्व मंत्री अमृता रावत अपर निदेशक विवेक सिंह चौहान आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें