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उत्तराखंड मौसम: आज राज्य के अधिकतर इलाकों में मौसम फिलहाल साफ, नैनीताल की ठंडी सड़क पर हुआ भूस्खलन

Tue, 31 Aug 2021 11:19 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

वहीं धारचूला के जुम्मा गांव में रविवार की रात हुई मूसलाधार बारिश ने जमकर कहर बरपाया।
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नैनीताल की ठंडी सड़क पर भूस्खलन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड के अधिकतर इलाकों में मंगलवार को सुबह से ही मौसम साफ बना हुआ है। मंगलवार को नैनीताल की ठंडी सड़क पर फिर से भूस्खलन हो गया है। जिससे यहां मार्ग बंद हो गया है। इस भूस्खलन से कुमाऊं विवि के महिला छात्रावास को भी खतरा हो गया है। जान की परवाह किए बगैर लोग भूस्खलन के मलबे से गुजर रहे हैं। गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे पर यातायात सुचारू है।

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पिथौरागढ़ जिले में चीन सीमा को जोड़ने वाली धारचूला-लिपुलेख सड़क सहित 23 सड़कें बंद हैं। वहीं मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पिथौरागढ़ के दौरे पर हैं। अगर मौसम साफ रहा तो मुख्यमंत्री आपदा प्रभावित धारचूला के जुम्मा गांव का हवाई दौरा करेंगे।

वहीं धारचूला के जुम्मा गांव में रविवार की रात हुई मूसलाधार बारिश ने जमकर कहर बरपाया। अतिवृष्टि से जामुनी और नालपोली तोक में सात मकान जमींदोज हो गए। मलबे में तीन बहनों और उनके चाचा-चाची समेत सात लोग दब गए। इनमें से तीनों बहनों और दो महिलाओं के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि दंपती (तीनों बहनों के चाचा-चाची) लापता हैं। दोनों लापता की खोजबीन जारी है। घटना में जुम्मा गांव के चार लोग घायल हुए हैं।
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पिथौरागढ़ में आपदा: भाई के परिवार को सचेत कर खुद मलबे में बहे चंद्र सिंह, जिंदा दफन हो गईं पांच जिंदगियां

मलबे से बंद हुई 300 सड़कें, 75 खोलीं गईं 
पर्वतीय जिलों में बारिश लगातार कहर बरपा रही है। सोमवार को भी पहाड़ में बारिश से कई जगहों पर भूस्खलन हुआ। मलबे से करीब 300 सड़कें अब तक बंद हो चुकी हैं। जबकि 75 सड़कों को खोलने का काम लोनिवि की ओर से किया गया।

सिर्फ बागेश्वर और चमोली में सामान्य से अधिक बारिश
पिथौरागढ़, बागेश्वर, देहरादून, टिहरी समेत राज्य के कई जिलों में इस साल बादल फटने से बेशक भारी तबाही हुई, लेकिन दो जिलों को छोड़कर प्रदेश में सामान्य से कम बारिश हुई है। सिर्फ बागेश्वर और चमोली जिले ऐसे रहे जहां सामान्य से अधिक बारिश हुई। बागेश्वर में 154 फीसदी और चमोली में 54 फीसदी अधिक बारिश हुई। खास बात यह भी रही कि यहां  बारिश से नुकसान अन्य जिलों की अपेक्षा काफी कम रहा। 

उत्तराखंड: धारचूला में अतिवृष्टि से सात मकान जमींदोज, पांच लोगों के शव बरामद, दो की तलाश जारी

मौसम विभाग की ओर से जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक एक जनवरी से लेकर 30 अगस्त तक सबसे अधिक बारिश 1713.6 मिमी रिकॉर्ड की गई। जो सामान्य बाशि 679 से 152 फीसदी अधिक है।

चमोली में 977.9 मिमी बारिश

वहीं दूसरे स्थान पर चमोली में 977.9 मिमी बारिश हुई जो सामान्य बारिश 634.9 से 54 फीसदी अधिक है। जहां तक सबसे कम बारिश का सवाल है तो हरिद्वार जिले में सबसे कम 626.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई जो सामान्य बारिश 794.8 मिमी से 21 फीसदी कम हुई। सिर्फ अगस्त माह में बारिश का सवाल है तो बागेश्वर जिले में सबसे अधिक बारिश 654.4 मिमी बारिश हुई जो सामान्य बारिश 260.7 मिमी बारिश से 151 फीसदी बारिश हुई।

जहां तक देहरादून का सवाल है तो अगस्त माह में दून में 366.7 मिमी बारिश हुई जो सामान्य बारिश 527.6 मिमी बारिश से 31 फीसदी कम बारिश हुई। मौसम विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक एक जनवरी से लेकर 30 अगस्त तक पूरे राज्य औसतन 920.2 मिमी बारिश हुई जो सामान्य बारिश 964.4 मिमी से पांच फीसदी कम बारिश हुई। 

एक जून से लेकर 30 अगस्त तक किस जिले में कितने बारिश (मिलीमीटर में)
जिला      -        वास्तविक          -               सामान्य     -     कितनी फीसदी कम या अधिक बारिश 
अल्मोड़ा   -     674.2                 -            679           -       -1 
बागेश्वर   -     1713.6                -             679           -       154
चमोली    -    977.9                  -          634.9           -         54
चंपावत    -    810.6                 -         1072.1         -       -24
देहरादून   -     1094.3             -          1254           -      -33 
पौड़ी      -    692.9                  -          1003          -       -31 
टिहरी     -     736.5                 -            815.4       -         -10
 हरिद्वार   -      626.5              -             794.8      -       -21
नैनीताल    -    1088.5             -            1141.8     -         -5 
पिथौरागढ़   -     1120.1           -            1266.2    -        -8
रुद्र्रप्रयाग    -      957.1          -             1265.4   -         -24
ऊधमसिंहनगर  -   799.5         -             861.6      -        -28
उत्तरकाशी     -    730.8           -           1009.7     -         -28
औसत       -      920.2            -         964.4         -      -5
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ऋषिकेश: बिदालना नदी से वाहनों की आवाजाही शुरू 

चार दिन से रानीपोखरी से देहरादून जाने के लिए ऋषिकेश नेपाली फार्म के जाम में जूझ रहे लोगों को कुछ राहत मिली है। लोक निर्माण विभाग ऋषिकेश ने थानो और भोगपुर के मध्य बिदालना नदी में वाहनों के आवागमन करने के लिए रास्ता बना दिया है। कई छोटे और बड़े वाहन बिदालना नदी पार कर थानो होते देहरादून पहुंचे। 

27 अगस्त को रानीपोखरी स्थित जाखन नदी पर बना मोटरपुल दो हिस्सों में टूट गया था। पुल क्षतिग्रस्त होने से गढ़वाल का देहरादून से संपर्क कट गया था। चार दिन से रानीपोखरी के लोगों को वाया ऋषिकेश, नेपालीफार्म होकर देहरादून जाना पड़ रहा था। इस दौरान नेपालीफार्म और खदरी फाटक पर लग रहे जाम के कारण एक-एक घंटा जाम से जूझना पड़ रहा था।

रानीपोखरी में जाखन नदी पर नए पुल निर्माण को लेकर शासन स्तर पर आज होगी बैठक
देहरादून जिले के रानीपोखरी में जाखन नदी पर नए पुल निर्माण की संभावनाओं के मद्देनजर मंगलवार को सचिवालय में लोनिवि और शासन के अधिकारियों के बीच बैठक होगी।

प्रमुख अभियंता लोनिवि हरिओम शर्मा ने बताया कि नए पुल के निर्माण में सबसे बड़ा पेच फॉरेस्ट लैंड का है। इसके अलावा डायवर्जन के लिए जो वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाना है, उसमें भी कुछ पेड़ आ रहे हैं।

इसके लिए मुख्यमंत्री की ओर से विशेष तौर पर जिलाधिकारी को रास्ता तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से डायवर्जन बनाने की तैयारी पूरी है। इसके तहत पानी के बहाव वाली जगह पर पाइप डाले जाएंगे। एक सप्ताह के भीतर डायवर्जन का काम पूरा कर दिया जाएगा।
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