यह थी याचिका
- हरिद्वार निवासी इमरान ने जनहित याचिका में कहा था कि खानपुर से पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन समेत उनके परिवार के कुल चार सदस्यों को नियमविरुद्ध तरीके से पांच सरकारी सुरक्षा गार्ड दिए गए हैं।
- जब वे घर से बाहर निकलते हैं तो अपनी सुरक्षा का दुरुपयोग करते हैं। बेवजह हूटर बजाते हैं।
- याचिकाकर्ता ने न्यायालय को बताया कि कुंवर प्रणव सिंह को कोई धमकी या थ्रेट नहीं है कि उन्हें सुरक्षा दी जाए।
कमेटी गठित करने के निर्देश का भी नहीं हुआ पालन
याचकिा में कहा गया कि वर्ष 2016 में उच्च न्यायालय ने सरकार को निर्देश जारी करते हुए कहा था कि किन-किन लोगों को सुरक्षा दी जाएगी, इस पर राज्य सरकार एक कमेटी गठित करे। इस कमेटी की जांच के बाद ही सुरक्षा देने की मंजूरी दी जाए लेकिन अभी तक सरकार ने इस आदेश का पालन नहीं किया है। सिर्फ एक प्रार्थनापत्र के आधार पर सुरक्षा दी जा रही है जो सरकारी तंत्र का दुरुपयोग है।
197 वीआईपी को मिले हैं 610 गनर
याचिका कर्ता का कहना था कि वर्तमान में उत्तराखंड सरकार ने 197 वीआईपी लोगों को 610 गनर दिए हैं जिसमें मुख्यमंत्री, राज्यपाल ,उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सहित सभी वीआईपी शामिल हैं। याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई है कि जिन लोगों को सुरक्षा दी गई है उनकी जांच की जाए कि उन्हें किस आधार पर शुरक्षा दी गई है।