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हरे पेड़ों के कत्ल का मामला: चार्जशीट देने की तैयारी, जांच के दायरे में डीएफओ, रेंजर समेत सात अधिकारी-कर्मचारी

Thu, 23 Nov 2023 10:35 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

मामले में प्राथमिक जांच के बाद रेंजर, दो वन दरोगा और तीन वन रक्षकों को निलंबित किया गया था। साथ ही विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
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चार्जशीट देने की तैयारी - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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चकराता वन प्रभाग की कनासर रेंज केे जंगल में बड़े पैमाने पर काटे गए संरक्षित प्रजाति के देवदार और कैल के पेड़ों के मामले में संलिप्त पाए गए आरोपी अधिकारी-कर्मचारियों को चार्जशीट देने की तैयारी है।

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इस मामले में प्राथमिक जांच के बाद रेंजर, दो वन दरोगा और तीन वन रक्षकों को निलंबित किया गया था। साथ ही विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले में पीसीसीएफ (हॉफ) के निर्देश पर मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल नरेश कुमार की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय समिति जांच कर रही है। समिति को एक माह में अपनी रिपोर्ट देनी थी, लेकिन यह समय बीत चुका है।

अभी तक जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट मुख्यालय को नहीं सौंपी है। प्रारंभिक जांच के बाद इस मामले में वन क्षेत्राधिकारी महेंद्र सिंह गुसाईं, वन दरोगा प्रमोद कुमार, आशीष चंद्र, वन रक्षक मदन सिंह, शिवम गौतम और भगत सिंह राणा को भी निलंबित कर दिया गया था, जबकि डीएफओ कल्याणी को वहां से हटाते हुए मुख्यालय अटैच कर दिया था।
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वन विभाग के सूत्रों की मानें तो अब इन अधिकारी-कर्मचारियों को चार्जशीट देने की तैयारी है। शासन स्तर पर भी इस मामले में शीघ्र कार्रवाई किए जाने को लेकर दबाव है। ऐसे में माना जा रहा कि इसी सप्ताह यह कार्रवाई पूरी की जा सकती है।

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टौंस की जांच भी अधूरी
उत्तरकाशी जिले के पुरोला टौंस वन प्रभाग में काटे गए हरे पेड़ों के मामले में डीएफओ सुबोध काला, प्रभारी एसडीओ विजय सैनी, रेंजर रामकृष्ण कुकसाल सहित 17 अधिकारी-कर्मचारियों पर निलंबन की गाज गिर चुकी है, लेकिन इस मामले में भी अभी विस्तृत जांच रिपोर्ट बाहर नहीं आई है। टौंस वन प्रभाग में वन विकास निगम को जारी लॉट में 788 छपान वाले पेड़ों के सापेक्ष 108 अतिरिक्त देवरदार के हरे पेड़ काट दिए गए थे।

दोनों ही मामलों की विस्तृत जांच जारी है। संबंधित जांच अफसरों को जल्द रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में किसी भी दोषी अधिकारी-कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। जीरो टॉलरेंस के तहत कार्रवाई की जाएगी।
- अनूप मलिक, प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ), वन विभाग
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