केंद्र सरकार की ओर से पांच प्रतिशत महंगाई भत्ता घोषित होने से प्रदेश के साढ़े तीन लाख से अधिक राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों और अन्य कर्मियों के चेहरे भी खिल गए हैं। इन कर्मचारियों को उम्मीद है कि दीपावली से पहले उन्हें भी पांच प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल जाएगा। इनकी निगाह अब बोनस के लिए केंद्र की ओर हैं। प्रदेश सरकार पर कुल मिलाकर करीब 750 करोड़ रुपये के व्यय भार का अनुमान है।
केंद्र की ओर से पांच प्रतिशत डीए घोषित होने से कर्मचारियों का डीए अब बढ़कर 17 प्रतिशत हो जाएगा। राज्य सरकार पहले ही घोषित कर चुकी है कि केंद्र की ओर से डीए घोषित होने पर प्रदेश में भी राज्य कर्मचारियों को डीए दिया जाएगा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कार्यकारी महामंत्री अरुण पांडे के मुताबिक जल्द ही शासन स्तर पर बातचीत कर डीए जारी करने की मांग की जाएगी।
उधर, वित्त के स्तर पर भी तैयारी शुरू कर दी गई है। वित्त का कहना है कि अभी केंद्र की ओर से जारी शासनादेश नहीं मिला है। इस शासनादेश के मिलते ही डीए जारी करने की कार्यवाही शुरू की जाएगी। कर्मचारियों को यह महंगाई भत्ता वैसे जुलाई में घोषित होना था। इस हिसाब से देखा जाए तो कर्मियों को तीन माह का एरियर भी मिलेगा।
कर्मचारियों को अब बोनस के जारी होने का इंतजार है। केंद्र की ओर से अभी बोनस का आदेश जारी नहीं हुआ है। वित्त सचिव अमित नेगी के मुताबिक केंद्र की ओर से शासनादेश के मिलते ही डीए जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
750 करोड़ रुपये का सरकार पर व्यय भार
इसी के साथ सरकार की चिंता में भी इजाफा होना तय है। कर्मचारियों के साथ ही पेंशनभोगियों को यह तोहफा देने पर राज्य सरकार पर करीब 750 करोड़ रुपये का व्यय भार पूरे वर्ष के दौरान आना तय है। वित्त विभाग के मुताबिक प्रदेश में करीब 1.60 कर्मचारियों को 6908 रुपये का बोनस देने पर करीब 115 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार होगा।