कंपनी के नाम से कई टेंडर फॉर्म भरवाए
शिकायत में बताया कि फिर उन्होंने टेंडर के नाम पर उनकी कंपनी के नाम से कई टेंडर फॉर्म भरवाए। बताया कि सबसे पहले सौरभ वत्स, प्रकाश चंद्र उपाध्याय, महेश माहरिया एवं सोनक माहरिया ने 10 लाख रुपये एनईएफटी के माध्यम से खर्च के नाम पर महेश माहरिया के खाते में डलवाए। फिर सौरभ वत्स व नंदिनी वत्स उनकी फैक्टरी सिडकुल हरिद्वार आए।
फैक्टरी में सौरभ वत्स ने 10 लाख रुपये लिए। फिर देहरादून सचिवालय बुलाकर टेंडर फीस के नाम पर 2,20,800 रुपये नकद प्रकाश चंद्र उपाध्याय और सौरभ ने लिए। फिर कुछ दिनों बाद इन्होंने अपने ड्राइवर शाहरुख खान निवासी डोईवाला को हरिद्वार भेजा जिसे उसने कुल 9,76,640 रुपये नकद टेंडर फॉर्म फीस के नाम पर दिए। बताया कि उन्होंने अलग-अलग उनसे 51,71,440 रुपये ले लिए। एसएसपी ने बताया कि शिकायत के बाद नगर कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की गई। जांच के बाद बुधवार रात को प्रकाश चंद उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
पीड़ित को दिए थे फर्जी बिल
मामले में आरोपियों ने फर्जी सूचना मेमो उपलब्ध कराए थे जो आरोपी सौरभ वत्स के हस्ताक्षर से जारी किए गए थे। पीड़ित को आरोपियों ने 51,74,440 रुपये की राशि का फर्जी बिल बनाकर दिया था। जिसको देखकर पीड़ित को यकीन हो गया कि टेंडर उनके नाम पर जारी हो गया।
अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें रवाना
धोखाधड़ी में प्रकाश में आए सौरभ वत्स राजस्थान में एक मामले में गिरफ्तार हुए हैं। जबकि, अन्य आरोपियों की गिरफ्तार के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।