इसका असर वनाग्नि की घटनाएं कम होने के तौर पर सामने आया। अब तक प्रदेश में वनाग्नि की 1038 घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें 1385 हेक्टेयर जंगल को नुकसान हुआ है।
उधर, वनाग्नि के मामलों में अब तक वन विभाग ने 417 वन अपराध दर्ज किए हैं, जिनमें अज्ञात के खिलाफ 356, ज्ञात के खिलाफ 61 मामले शामिल हैं। इनमें नामजद आरोपियों की संख्या 75 है। नौ मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया है।