| जिल |
कुल वोटर |
वोट डालने वाले |
प्रतिशत गिरावट |
| हरिद्वार |
14,20,182 |
10,61,868 |
0.92 प्रतिशत |
| पौड़ी |
5,79,726 |
18,099 |
0.08 प्रतिशत |
| नैनीताल |
7,75,899-5 |
5,14,778 |
0.42 प्रतिशत |
| ऊधमसिंह नगर |
13,03,476 |
9,41,957 |
3.52 प्रतिशत |
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2017 के मुकाबले 70 में से 35 पर घटा और 35 सीटों पर बढ़ा मतदान प्रतिशत
उत्तराखंड में इस बार के विधानसभा चुनाव में 2017 के मुकाबले 70 में से 35 विधानसभा सीटों पर मतदान प्रतिशत बढ़ा तो 35 सीटों पर घटा है। खास बात यह है कि जिन सीटों पर गिरावट आई है, उनमें बड़ी संख्या मैदानी जिलों की सीटों की हैं।
2017 चुनाव के सापेक्ष 2022 के चुनाव में मतदान प्रतिशत में गिरावट के नजरिए से देखें तो उत्तरकाशी में एक, टिहरी में दो, देहरादून में पांच, हरिद्वार में नौ, पौड़ी में तीन, पिथौरागढ़ में एक, बागेश्वर में एक, अल्मोड़ा में एक, नैनीताल में चार और ऊधमसिंह नगर में आठ विधानसभा सीटों पर इस बार गिरावट दर्ज की गई है।
चंपावत जिले में दो सीटें हैं, जिनमें इस बार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुल मिलाकर देखें तो पर्वतीय जिलों में मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई है जबकि मैदानी जिलों में मतदान प्रतिशत गिरा है। अब राजनीतिक विश्लेषक इसके अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं।