भाजपा ने 2022 के विधानसभा चुनाव में साठ पार का लक्ष्य बनाया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए वह सबका साथ चाहती है। मसलन, पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व अपने कुनबे में किसी तरह की सेंध नहीं चाहता। अलबत्ता वह कांग्रेस में सेंध लगाकर विरोधी कुनबे को खाली कर देना चाहता है। लेकिन विधायक पिता-पुत्र के झटके ने उसे खामोश कर दिया है।
किसने कितने वोट पाए जो कांग्रेस से भाजपा में आए
सौरभ बहुगुणा सितारगंज - जीत 50,597
केदार सिंह रावत यमुनोत्री - जीत 19800
शैलारानी रावत केदारनाथ - हार 11472
सुबोध उनियाल नरेंद्र नगर - जीत 24104
उमेश शर्मा काऊ रायपुर - जीत 59,764
प्रदीप बतरा रुड़की - जीत 40,000
कुंवर प्रणव चैंपियन खानपुर - जीत 53192
सतपाल महाराज चौबट्टाखाल- जीत 20921
हरक सिंह रावत कोटद्वार - जीत 39859
शैलेंद्र मोहन सिंघल जसपुर - हार 38,347
यशपाल आर्य बाजपुर - जीत 54965
संजीव आर्य नैनीताल - जीत 30,036
कुल वोट प्राप्त किए - 4,18,953 (स्रोत: चुनाव आयोग के आंकड़े 2017 विधानसभा चुनाव के)
नोट: कुल मतदान का वोट प्रतिशत 8.42 रहा
भाजपा में जो लोग आए हैं, वह एक विचार को मजबूत करने आए हैं। अगर किसी का व्यक्तिगत स्वार्थ उस विचार से ऊपर हो जाए और व्यक्तिगत स्वार्थों के लिए वह पार्टी के विचार को छोड़ दे तो उन्हें आने वाले समय में जनता जवाब देगी। पार्टी में शामिल हुए सभी लोग भाजपा के विचार को मजबूत करने में लगे हैं। इस बार 60 पार के नारे के साथ चुनाव में जाएंगे। कांग्रेस सेंधमारी नहीं कर पाएगी। चार साल से वह विफल रही है।
- कुलदीप कुमार, प्रदेश महामंत्री, भाजपा