पूर्व सीएम हरीश रावत भी सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने को तैयार हैं। यह बात उन्होंने अपनी फेसबुक पोस्ट में स्पष्ट की है। उन्होंने लिखा है कि राज्य में केवल अध्यक्ष पद पर चेहरा बदला है, नेतृत्व आज भी वही पुराना है।
पार्टी कार्यकर्ताओं को सीख देते हुए उन्होंने लिखा है कि अपने पोस्टरों में, अपने व्यवहार में, सभी नेताओं को महत्व दें। नेतृत्व एक दिन में ही नहीं बनता है, पोस्टरों की राजनीति से न कोई बनता है, न बिगड़ता है, हां पार्टी का वातावरण जरूर बिगड़ जाता है।
सभी के सुझावों से तैयार होगा चुनाव घोषणा पत्र : धस्माना
कांग्रेस में प्रदेश के सभी प्रमुख नेताओं प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष व अन्य प्रमुख नेताओं के मार्गदर्शन व प्रदेश की आम जनता, समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों के सुझावों से ही पार्टी का आगामी चुनाव घोषणा पत्र तैयार किया जाएगा। पार्टी द्वारा गठित चुनाव घोषणा पत्र समिति के संयोजक व पार्टी के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने यह बात कही।
शनिवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बहुत जल्दी मैनिफेस्टो कमेटी के अध्यक्ष नवप्रभात से बातचीत कर कमेटी के सदस्यों की बैठक आयोजित कर कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस दौरान कांग्रेस कार्यालय में बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
गोदियाल का अध्यक्ष बनना भाजपा के लिए खतरे की घंटी : धीरेंद्र
उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर पूर्व विधायक गणेश गोदियाल की नियुक्ति को भाजपा के लिए खतरे की घंटी बताया है। मीडिया को जारी बयान में धीरेंद्र ने कहा प्रीतम सिंह ने चार साल में कांग्रेस को जो मजबूती दी है, अब हरीश रावत, प्रीतम सिंह और गणेश गोदियाल मिलकर इसमें सफल होंगे।
उन्होंने कहा कि गणेश गोदियाल ने रमेश पोखरियाल निशंक जैसे जमीनी और बड़े नेता को घर बिठाने और पौड़ी जिला छोड़ने पर मजबूर कर दिया था। इधर, पूर्व राज्य मंत्री मनीष कुमार ने कहा कि हाईकमान ने सोच समझ कर यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया कि जब कांग्रेस को सत्ता में वापसी के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है।