वैसे तो तमाम नेता गुपचुप सभाएं करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उनके कार्यकर्ता ही उनकी पोल खोल रहे हैं। अनजाने में कार्यकर्ता अपने नेता की पोस्ट सोशल मीडिया में डाल रहे हैं। यह पोस्ट ही कई नेताओं के लिए मुसीबत बनती जा रही है। चुनाव आयोग की मॉनिटरिंग टीमें व नेता के विरोधी गुट के लोग यह शिकायतें आयोग तक पहुंचा रहे हैं, जिस पर कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
नेता अज्ञान या जानबूझकर कर रहे उल्लंघन
लगातार बढ़ रहे आचार संहिता उल्लंघन के मामलों के बीच यह भी सवाल उठने लगे हैं कि चुनाव लड़ रहे नेता आचार संहिता को जानते नहीं हैं या जानबूझकर अनजान बने हुए हैं। जिन नेताओं को अब तक नोटिस जारी हुए हैं, उनमें से बड़ी संख्या उनकी है जो कि पूर्व में विधायक, मंत्री रह चुके हैं। कई नेता तो ऐसे भी हैं जो कि कई-कई बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं।