वहीं आगामी विस चुनाव देखते हुए कांग्रेस ने पूर्व में विभिन्न वजहों से निष्कासित नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए पार्टी ने वापसी के दरवाजे खोल दिए हैं, लेकिन इसके लिए निष्कासित लोगों को विचार विमर्श समिति को आवेदन करना होगा। यह व्यवस्था प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की ओर से की गई है।
आवेदनों पर विचार करने के बाद रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को सौंपेगी समिति
गत दिनों प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस काम के लिए चार सदस्यीय विचार विमर्श समिति का गठन किया था। कमेटी का अध्यक्ष हरीश कुमार सिंह को बनाया गया है। जबकि विजय सिंह सिजवाली, गोविंद सिंह बिष्ट, शांति प्रसाद भट्ट को इसमें बतौर सदस्य रखा गया है। यह समिति प्रदेशभर में पूर्व में जिन कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं को किन्हीं कारणों से निष्कासित किया गया था, उन्हें वापस कांग्रेस पार्टी में लाने के लिए आवेदनों पर विचार करने के बाद 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को सौंपेगी।
मंगलवार को इस संबंध में पीसीसी कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल ने समिति की बैठक ली। इस दौरान गोदियाल ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों में अपरिहार्य कारणों से निष्कासित लोग, जो बिना शर्त कांग्रेस में वापस आना चाहते हैं और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा रखते हैं, उनके आवेदनों पर विचार कर उन्हें पार्टी में वापस लिया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही समिति की गढ़वाल मंडल के लिए देहरादून और कुमाऊं मंडल के लिए हल्द्वानी में अलग-अलग तिथियों में बैठक आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में समिति के समक्ष अपनी बात रखी जा सकती है। इसके अलावा जिलों में जिलाध्यक्षों और महानगर अध्यक्षों के माध्यम से भी समिति को आवेदन कर सकते हैं।