आरोप है कि उन्होंने अपने करीबियों के साथ मिलकर एक भूमि के दस्तावेजों में बड़ा खेल किया है। इसके साथ ही ईडी ने कैनाल रोड स्थित आईएफएस अफसर सुशांत पटनायक के घर नोट गिनने की मशीनें मंगाई थीं। बताया गया था कि वहां पर अलमारी और बेड में बड़ी मात्रा में कैश रखा हुआ था। ईडी ने बृहस्पतिवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कार्रवाई की जानकारी दी है।
ईडी के अनुसार, इन सभी जगहों पर छापे में कुल 1.10 करोड़ रुपये की भारतीय मुद्रा को सीज किया गया है। साथ ही एक स्थान से 1.3 किलो सोना और 10 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा बरामद हुई है। हालांकि, यह कैश और सोना किस-किस जगह से बरामद हुआ, इस बात की जानकारी ईडी ने नहीं दी है। माना जा रहा कि सबसे ज्यादा कैश सुशांत पटनायक के घर से ही बरामद हुआ है।
इसका कारण है कि उन्हीं के घर पर दो नोट गिनने की मशीनें मंगवाई गई थीं। इसके साथ ही ज्वालापुर में पूर्व डीएफओ किशनचंद के घर पर भी छापे में बड़ी मात्रा में कैश बरामद होने की बात सामने आ रही है। ईडी के अनुसार, इस पूरे मामले में अभी जांच जारी है। जल्द ही कुछ और जानकारी भी ईडी की ओर से मुहैया कराई जा सकती है।
टेंडर से संबंधित दस्तावेज भी लिए कब्जे में
पाखरो रेंज में निर्माण कार्य के लिए टेंडर निकालने में भारी अनियमितताएं बरती गई थीं। उस वक्त डीएफओ किशनचंद, फॉरेस्ट रेंजर बृज बिहारी शर्मा ने तत्कालीन वन मंत्री से सांठगांठ कर जरूरत से अधिक का टेंडर जारी किया था। उस वक्त इस काम में अन्य अफसर भी शामिल रहे थे। यह टेंडर इस समिति को प्राप्त वित्तीय अधिकारों से अधिक का था। ईडी के इस छापे में पाखरो रेंज के टेंडर से संबंधित दस्तावेज को भी कब्जे में लिया गया है। पेड़ कटान की अनुमति के दस्तावेज भी तत्कालीन डीएफओ किशनचंद के घर से ईडी ने बरामद किए हैं।