- मंदिरों की संपत्ति, निधि, बहुमूल्य वस्तुओं को बोर्ड के प्रबंधन के अधीन लाया जाएगा, सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) को इसके लिए अधिकृत किया गया है।
- प्रबंधन बोर्ड का अलग बैंक एकाउंट होगा, जिसके लिए राज्य सरकार ने 10 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है।
- बदरी-केदार मंदिर समिति की अवशेष धनराशि भी देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड में ट्रांसफर की जाएगी।
- बदरी-केदार मंदिर समिति के कार्मिकों का समायोजन बोर्ड में किया जाएगा।
- बोर्ड के लिए अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति एवं वित्त नियंत्रक का एक पद सृजित होगा।
- बोर्ड में विभिन्न न्यायिक मामलों के लिए ट्रिब्यूनल बनाया जाएगा।
- एनआईसी बदरी-केदार मंदिर समिति के लिए बनाई वेबसाइट का अधिग्रहण कर उसे अपग्रेड करेगा।
कोविड 19 के कारण जो परिस्थितियां पैदा हुई हैं, उनमें किस तरह से यात्रा शुरू की जाए, इस पर देवस्थानम बोर्ड की बैठक में चर्चा हुई। कई मंदिर समितियों ने देवस्थान बोर्ड से जुड़ने की इच्छा जताई है। बैठक में यह भी निर्णय हुआ कि भविष्य में और मंदिर बोर्ड से जुड़ेंगे। पुरोहितों और अन्य हक-हकूकधारियों के सुझावों और समस्याओं को सुनने के लिए ट्रिब्यूनल बनाया जाएगा।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, सीएम उत्तराखंड
हरकी पैड़ी खोलने के लिए करना होगा इंतजार
तीर्थ पुरोहितों ने शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से मुलाकात कर मंदिरों को भी खुलवाने की मांग की है। जिस शहरी विकास मंत्री ने कहा कि सरकार ने मंदिरों में पंडितों के अनुष्ठान करने की अनुमति देने का फैसला लिया है, लेकिन मंदिर श्रद्धालुओं के लिए नहीं खुलेंगे। उन्होंने कहा कि हरकी पैड़ी क्षेत्र खोलने के लिए कुछ समय इंतजार करना होगा।