प्रदेश सरकार की ओर से उत्तराखंड बोर्ड के वर्ष 2019-20 के मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप दिए जाने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए तय किया गया था कि विभाग की ओर से लैपटॉप उपलब्ध कराए जाएंगे, लेकिन अब तक मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए लैपटॉप नहीं खरीदे जा सके हैं।
प्रदेश में उत्तराखंड बोर्ड के मेधावियों को सरकार लैपटॉप के लिए 40 हजार रुपये देगी। 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्र-छात्राओं के खातों में डीबीटी के माध्यम से इस सप्ताह यह रकम दे दी जाएगी। शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी के मुताबिक विभाग की ओर से प्रयास किया जा रहा है कि जल्द से जल्द मेधावी छात्रों को डीबीटी के माध्यम से लैपटॉप की रकम दे दी जाए।
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डीबीटी के माध्यम से इसकी रकम देने का निर्णय
प्रदेश सरकार की ओर से उत्तराखंड बोर्ड के वर्ष 2019-20 के मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप दिए जाने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए तय किया गया था कि विभाग की ओर से लैपटॉप उपलब्ध कराए जाएंगे, लेकिन अब तक मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए लैपटॉप नहीं खरीदे जा सके हैं। विभाग ने इसके लिए अब तक टैंडर भी नहीं निकाले हैं। अब जब विधानसभा चुनाव सिर पर आ गए हैं तो मेधावी छात्रों को लैपटॉप खरीदकर देने के बजाए डीबीटी के माध्यम से इसकी रकम देने का निर्णय लिया गया है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक उत्तराखंड बोर्ड के 10वीं और 12वीं की मेरिट सूची में टॉप 25 में आए छात्र-छात्राओं के खातों में यह रकम दी जाएगी। विभाग ने इसके लिए विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से ऐसे छात्र-छात्राओं की सूची मंगा ली है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक उत्तराखंड बोर्ड के 10वीं और 12वीं के टॉप 25 छात्र-छात्राओं में करीब 125 छात्र-छात्राएं इस दायरे में आ रहे हैं। जिन्हें लैपटॉप के लिए धनराशि दी जाएगी।
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उत्तराखंड बोर्ड के मेधावी छात्र-छात्राओं को जल्द ही लैपटॉप के लिए डीबीटी के माध्यम से पैसा दिया जाएगा। इसके लिए 50 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। शासन से आदेश मिलते ही छात्रों को इसके लिए धनराशि दे दी जाएगी।
- सीमा जौनसारी, शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा
आचार संहिता लगने से योजना शुरू करने पर जोर
चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले सरकार का मेधावियों को लैपटॉप दे देने पर जोर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षा के मेधावियों को लैपटाप देने की घोषणा की थी। सरकार इस कोशिश में है कि आचार संहिता लगने से पहले मेधावियों को लैपटाप मिल ही जाए। सरकार लैपटॉप खरीद कर देने के बजाय सीधे डीबीटी के माध्यम से छात्र-छात्राओं के खाते में 40 हजार रुपये की राशि जमा करेगी।
प्रदेश के समस्त महाविद्यालयों और उत्तराखंड बोर्ड के 10वीं और 12वीं के 2.59 लाख छात्र-छात्राओं को इसी महीने टैबलेट के लिए पैसे मिल जाएंगे। विभाग की इसके लिए 25 दिसंबर को विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में समारोह आयोजित करने की तैयारी कर ली है। फिलहाल कुछ विधानसभा क्षेत्रों के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बना दिया गया है।
विधानसभा स्तरीय नोडल अधिकारियों में पौड़ी गढ़वाल में बीईओ सावेद आलम को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जबकि चौबट्टाखाल में अजीत सिंह भंडारी, लैंसडौन में सुमेर सिंह कैंतुरा, यमकेश्वर में मदन सिंह उप्रेती, कोटद्वार में अभिषेक शुक्ला और श्रीनगर में बीईओ खिर्सू पीएल भारती को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा इसी जिले में 15 अधिकारियों को विकासखंड स्तरीय नोडल अधिकारी बनाया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी पौड़ी केएस रावत को जनपदस्तरीय नोडल अधिकारी बनाया गया है। जबकि जनपद स्तरीय नोडल अधिकारियों में चमोली के माध्यमिक शिक्षा अधिकारी आशुतोष भंडारी, इसी जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी नरेश हल्दियानी को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
इसी जिले में विकासखंड स्तरीय नोडल अधिकारियों में बीईओ विवेक कुमार को जोशीमठ का नोडल अधिकारी, कर्मवीर सिंह को दशोली, दिनेश कुमार को घाट, डा.भाष्कर बेबनी को पोखरी, डा.कुशल सिंह भंडारी को कर्णप्रयाग, मनवर सिंह नेगी को गैरसैंण, खुशाल सिंह टोलिया को नारायणबगड़, आदर्श को थराली, गोपाल दत्त कुनियाल को देवाल ब्लॉक का नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा विधान सभा के लिए नोडल अधिकारियों में केना को कर्णप्रयाग, दर्शन लाल टम्टा को बदरीनाथ व बीईओ अतुल सेमवाल को थराली का नोडल अधिकारी बनाया गया है।
हर विधान सभा क्षेत्र में होंगे कार्यक्रम
टैबलेट के पैसे देने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित होंगे। हर विधान सभा क्षेत्र के कार्यक्रम में 100-100 बच्चों को बुलाने की तैयारी की गई है।