विधानसभा सीट पौड़ी से कांग्रेस प्रत्याशी घोषित होने के बाद पार्टी में विरोध के सुर मुखर हो गए हैं। टिकट की दौड़ में शामिल पार्टी की अनुसूचित जाति विभाग के पूर्व जिलाध्यक्ष व पूर्व जिला पंचायत सदस्य तामेश्वर आर्य ने पार्टी छोड़ने का एलान किया है। वहीं पूर्व जिला उपाध्यक्ष विनोद दसोनी ने टिकट आवंटन के फॉर्मूले पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस महिला प्रदेश महामंत्री व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा ने रुद्रप्रयाग विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है।
उन्होंने पार्टी पर गुपचुप तरीके से टिकट वितरण का आरोप लगाया है। यमुनोत्री सीट पर बगावत खुलकर सामने आ गई है। टिकट के दावेदार कांग्रेस नेता संजय डोभाल ने अपने पदों से त्यागपत्र देकर निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान किया है। इधर, देहरादून में राजपुर सीट दावेदारी पेश कर रही महानगर महिला कांग्रेस की अध्यक्ष कमलेश रमन ने नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह से मिलकर विरोध दर्ज कराया है।
जब भी टिकट जारी होते हैं, छिटपुट विरोध होना स्वाभाविक है। हम लगातार सभी जिलाध्यक्षों से बात कर रिपोर्ट ले रहे हैं। कोशिश कर रहे हैं कि जो असंतुष्ट हैं, उन्हें बातचीत कर मना लिया जाए। इसके अलावा जिन लोगों को टिकट दिया गया है, उनसे भी बातचीत की जा रही है। यदि कहीं कोई दिक्कत है तो पार्टी उसका समाधान निकालेगी। इसके अलावा जिन्हें टिकट नहीं मिल पाया है, वह निराश न हों, मैं पूरे विवेक से यह बात कह रहा हूं कि सरकार बनने पर ऐसे सभी लोगों पार्टी संगठन और सरकार में शामिल किया जाएगा।
- मोहन प्रकाश, पर्यवेक्षक, उत्तराखंड विधानसभा चुनाव
यह सांविधानिक बाध्यता है कि एक सीट पर एक को ही टिकट दिया जा सकता है। जिन लोगों को टिकट नहीं मिल पाया है, वह निराश न हों। सरकार बनने पर ऐसे सभी लोगों को सरकार में एडजस्ट किया जाएगा। माहौल इस वक्त कांग्रेस के पक्ष में है। इसलिए मैं सभी कांग्रेसजनों से अपील करना चाहूंगा कि वह पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के कंधे से कंधा मिलकर इस चुनाव को सफल बनाएं।
- गणेश गोदियाल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष