स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर जाकर रेस्क्यू अभियान चलाया। लेकिन तब तक मीनाक्षी सजवाण और अलका असवाल की मौत हो गई थी। वहीं, अर्जुन सिंह घायल था। चालक राकेश सिंह अभी भी लापता है।
उधर, मौके पर मौजूद लोगों ने घटना के दो घंटे बाद रेस्क्यू शुरू करने पर रोष जताया। इस दौरान उन्होंने सड़क पर बैठकर सरकारी तंत्र के खिलाफ नारेबाजी भी की। उनका कहना था कि अगर समय पर रेस्क्यू होता तो मृतकों की जान बचाई जा सकती थी। इधर, एसपी नवनीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ ने घायल और मृतकों को खाई से निकाला।